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कई समाजिक मुद्दों को उठाने वाली फिल्म ‘मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। पिछले लम्बे समय से समाजिक मुद्दों पर उठ रही फिल्में लोगों का दिल जीत रही है, पैडमैन, टॉयलेट एक प्रेम कथा, पिंक इन्हीं कुछ फिल्मों में से एक है। राकेश ओम प्रकार मेहरा की इस फिल्म से एक बार फिर से ‘टॉयलेट’ का मुद्दा उठा रहे है। फिल्म की कहानी शहरों के स्लम पर आधारित है, जहां टॉयलेट न होने की स्थिति में पैदा होने वाली गंभीर समस्यों से आपको रूबरू कराया जाएगा।
कहानी-
फिल्म मुंबई के स्लम में रहने वाली सरगम और उसके बेटे कन्नू की कहानी है। दोनों बिना किसी परेशानी के खुशी-खुशी स्लम में अपनी जिंदगी बिता रहे होते हैं। स्लम में एक भी टॉयलेट नहीं, जिसके कारण वहां रह रहे हर किसी शख्स को खुले में ही शौच करना पड़ता है। खासतौर इसकी वजह से महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। महिलाएं दिन का उजाला होने से पहले और रात को अंधेरा होने के बाद ही शौच कर पाती हैं। कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब एक दिन अचानक कन्नू की मां के साथ कुछ लोग जबरदस्ती करते हैं। इसी के बाद कन्नू फैसला लेता है कि वह अपनी मां के लिए शौचालय बनवा कर रहेगा। इसी जद्दोजहद में कन्नू प्रधनामंत्री को पत्र लिखता है और दिल्ली जाता है। क्या स्लम में रहने वाले कन्नू की गुहार प्रधानमंत्री तक पहुंच पाती है? क्या कन्नू अपनी मां के लिए शौचालय बनवा पाता है? इसको जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।
प्रदर्शन- कन्नू के किरदार में ओम कनौजिया का काम सराहनीय है। वहीं, कन्नू के दोस्त का किरदार निभाने वाले निराला और रिंगटोन भी आपका दिल छू लेंगे।
देखें या नहीं- ‘मेरे प्यार प्राइम मीनिस्टर’ फिल्म के जरिए सामाजिक मुद्दे को उठाया गया है, जिसको बनाते हुए मनोरंजन का भी खास ख्याल रखा गया है। अगर आप कोई अच्छी फिल्म देखने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो आपके लिए ये फिल्म बेस्ट है।
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