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डिवाइसेज को हैक करने की समस्या हमेशा से ही देखी गई है। लाख कोशिशों के बावजूद इससे बचने का कोई तोड़ नहीं निकाला गया है। कुछ समय पहले ही एक स्टडी के मुताबिक पता चला है कि मॉडर्न लैपटॉप और कम्प्यूटर पहले से कई गुना ज्यादा रिस्की हो चुके हैं। इनमें जो सबसे कॉमन प्लग इन डिवाइसेज जैसे चार्जर को सबसे अहम खतरा माना गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज और यूएस की राइस यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक अटैकर्स चार्जर जैसे सबसे कॉमन समझे जाने वाले प्लग-इन डिवाइज की मदद से कुछ ही सेकंड में किसी भी मशीन को आसानी से हैक कर लेते हैं।
इन तरह के लैपटॉप और कम्प्यूचर्स को है ज्यादा खतरा
वैसे देखा गया है कि ये परेशानियों सिर्फ उन्हीं लैपटॉप और कम्प्यूटर्स में हैं जो मैकओएस, विंडोस, लाइनक्स और फ्रीबाएसडी और थंडरबोल्ट पोर्ट्स के साथ आ रहे हैं। जब रिसर्च की गई तो थंडरक्लैप नाम के एक ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म की मदद से इस तरह की गड़बड़ी का पता लगाया गया। इसे उन्होंने कम्प्यूटर पेरिफेरल्स की सुरक्षा और ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ बिहेवियर की स्टडी करने के लिए तैयार किया गया है।
थंडरबोल्ड एंटरफेस वाले कम्प्यूटर में USB C पोर्ट की सहायता से थंडरक्लैप प्लग करते हैं। इसी की मदद से रिसर्चर्स हैकर्स की टेक्निक का पता लगा सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कहा जा रहा है कि, हैकर्स टारगेट किए गए डिवाइस पर पूरी तरह से अपना कंट्रोल कर लेते हैं।
इस काम करते हैं हैकर्स
नेटवर्क कार्ड्स के पास डायरेक्ट मेमोरी ऐक्सेस (DMA) होता है, जिसकी मदद से ऑपरेटिंग सिस्टम सिक्यॉरिटी पॉलिसिज को बायपास किया जाता है। DMA अटैक में इस एक्सेस का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसकी मदद से न केवल मशीन पर कंट्रोल किया जा सकता है, बल्कि डाटा को एक्सट्रैक्ट करने का भी काम होता है। हालांकि कंपनियां नए डिवाइज में इन कमियों को खत्म करने की पूरी कोशिश कर रही है।
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