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मसान और मिर्जापुर फेम एक्ट्रेस श्वेता त्रिपाठी अपनी अपकमिंग फिल्म ‘गॉन केश’ के साथ एक ऐसी बीमारी के बारे में जागरुकता फैलाने आ रही है, जिसके बारे में शायद ही हम में से ज्यादातर लोग जानते होंगे। इस बीमारी का नाम है एलोपीशिया। फिल्म में वह इनाक्षी नाम की लड़की का किरदार निभा रही हैं, जो बड़े होकर एक डांसकर बनने का सपना देखती है।
लेकिन, अचानक ही उसकी जिंदगी में एक ऐसा बदलाव आने लगता है, जिसके बारे में न तो उसने कभी सोचा था न ही उसके मम्मी-पापा ने।
इनाक्षी के बाल झड़ने लगते हैं, पहले वह इस समस्या को साधारण समझकर नजरअंदाज करती है। लेकिन धीरे-धीरे जब यह समस्या बढ़ जाती है तो वह अपने मम्मी-पापा के साथ डॉक्टर के पास जाती है। डॉक्टर पहले इसे कैल्शियम की कमी बताता है और उसे दूध-बादाम खाने की सलाह देता है। डॉक्टर की बात मानकर वह सभी काम करती है, लेकिन समस्या रूकने की वजह बढ़ जाती है और एक समय ऐसा आता है कि उसके सिर के सभी बाल झड़ जाते हैं।
इस समस्या को गंभीरता से लेकर इनाक्षी के पैरेंट्स उसे बड़े डॉक्टर के पास ले जाते हैं, जहां उन्हें पता चलता है कि इनाक्षी एलोपीशिया की शिकार है।
यहां देखें फिल्म का ट्रेलर-
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एलोपीशिया (बाल झड़ना) क्या है?
एलोपीशिया सिर से एक या एक से अधिक गोल धब्बों में बालों के झड़ने की समस्या है। कई मामलों में इस समस्या में पूरे सिर के बाल भी झड़ जाते हैं। एलोपीशिया (बालों का गिरना) एक ऑटोइम्यून रोग हैं, जिसमे सर के कुछ या संपूर्ण हिस्से से बाल झड़ जाते हैं। इसमें बाल ज्यादातर सिर की त्वचा से ही झड़ते हैं क्योंकि इसमें शरीर, स्वयं को ही पहचानना छोड़ देता हैं एवं अपने ही ऊतकों को नष्ट कर डालता हैं, जैसे की वो कोई आक्रमणकारी हो। प्रथम चरण में यह सर पर बाल रहित क्षेत्रों (गंजे धब्बों) का निशान बना देता हैंI 1-2 % मामलों में यह सारे शरीर में एवं पुरे एपिडर्मिस में फ़ैल जाता हैं।ज्यादातर मामलों में 30 साल से कम की उम्र में ये रोग पाया जाता है। पांच में से 1 इंसान इससे पीड़ित है।
नहीं है इसका कोई इलाज-
निराशाजनक बात यह है कि एलोपीशिया का कोई इलाज नहीं है। बाल झड़ेंगे... थोड़े इलाज के बाल वापिस आ जाएंगे और फिर झड़ जाएमगे। यानी इसे जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है।
एलोपीशिया का लक्षण-
बालों के झड़ने वाले क्षेत्र में पहले आपको झुनझुनाहट या दर्द महसूस हो सकता हैं और उसके बाद सारे बाल थोड़े ही समय के अंतराल में झड़ जाते हैं। सामान्यता जब स्वस्थ बालों को खींचा जाता हैं तो बहुत कम ही बाल उखड़ते हैं लेकिन जब अलोपेसिया अरीटा से पीड़ित व्यक्ति के बालों को खींचा जाता हैं बहुत सारे बाल जड़ से निकल आते हैं।
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