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हमारे आस-पास कई इस तरह के फोबिया हैं जिनके बारें में हम जानते हैं लेकिन कई ऐसे तरह के भी हैं जिनको कोई नहीं जानता है। इसी लिए फोबिया की कम समझ के कारण ऐसी चीजें सामने देखने में आ जाती हैं जिनके बारे में हम नहीं जानते हैं। दुनिया में एक नये तरीके का भी फोबिया होता जो अक्सर महिलाओं के प्रेगनेंसी से पहले हो जाता है। इसका नाम है टोकोफोबिया
साल 2000 में टोकोफोबिया के बारे में लोगों को जानकारी हासिल हुई। इसी साल ब्रिटिश जनरल ऑफ साइकेट्री में इस बारे में बताया गया है। इसी के साथ साल 2000 में टोकोफोबिया को दिमागी बीमारी के तौर पर देखा जाने लगा था। इसके हिसाब से ऐक महिला को बच्चा पैदा करने से खौफ हो सकता है। फिर मान लीजिये अगर किसी तरीके से वो मान भी गई तो डिलिवरी के टाइम पर महिला अपने लिए डॉक्टर से सिजेरियन का मांग करेंगी।
बता दें कि कोई भी डॉटर उस समय किसी भी महिला का सिजेरियन ऑपरेशन करता जब उसको लगता है कि इससे बच्चे और मां दोनों की जान को खतरा हो सकता है। इस बामारी से जूझ रही महिला को ये परेशानी होती है कि एक और जान उसके अंदर पल रही है और उसके अंदर सांस ले रही है। इसकी निशानि होती है- मां को अचानक से पैनिक अटैक आ जाता है, इसी के साथ उसको रात में बुरे सपने आते हैं आदी।
टोकोफोबिया से ग्रस्त महिला को लेबर पेन से भी डर लगता है इसी लिए वो सिजेरियन की कोशीश करती है। इस बीमारी का इलाज भी मार्केट में उपलब्ध है। इसके इलाज के लिए आप किसी भी मनोचिक्तिसिक से सलाह लेकर, साथ ही कुछ काउंसलिंग सेशन लेकर इसे खत्म कर सकते हैं।
बताते चले कि ये बीमारी उन महिलाओं के साथ अक्सर हो जाती है जिन्होनें इससे पहले किसी भी बच्चे को जन्म ना दिया हो। वहीं अगर किसी महिला को पुर्व में कभी किसी तरह के रेप, घरेलू हिंसा या फिर यौन शोषण का शिकार बनना पडा हो। इनके साथ ये परेशानी आम होती है।
Anida Saifi
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