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पिछले कुछ समय से ग्लोबल वार्मिंग पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में इसे रोकने के लिए कई अलग अलग तरह के प्रयास भी किए जा रहे हैं। लेकिन हम सभी के बीच मौजूद एक शख्सियत ऐसी है जो बिना किसी की भी मदद मिलने का इंतजार किए अपने स्तर पर इससे लड़ रहे हैं। दरअसल यहां हम आर.के. नायर नाम के एक शख्स के बारे में बात कर रहे हैं, आप में से शायद ही किसी ने इनका नाम सुना होगा। लेकिन धरती को बचाने का इनका काम आज दुनियाभर के लोगों को प्रभावित कर रहा है।
नौकरी से इस्तीफा देकर शुरू किया सामाजिक कार्य
बता दें कि नायर पेशे से एक बिजनसमैन हैं, जो फिलहाल गुजरात में रहते हैं। जब वह सिर्फ 4 साल के थे तब उनका पूरा परिवार मैंगलुरु जाकर बस गया। यहीं से उन्होंने पढ़ाई की, लेकिन 12वीं कक्षा में फेल होने के बाद उन्होंने पढ़ाई से जैसे दूरी ही बना ली। इसके बाद उन्होंने एक कैमिस्ट की दुकान पर सेल्समैन के तौर पर काम करना शुरू किया। इसके अलावा उन्होंने कपड़ों की दुकान और होटल में भी काम किया। हालांकि बाद में वह गुजरात जाकर एक कंपनी में मैनेजर को रूप में काम करने लगे। लेकिन कुछ समय के बाद ही उन्होंने इस नौकरी से भी इस्तीफा दे दिया और खुद को पूरी तरह से सामाजिक कार्यों में व्यस्त कर लिया।
बचपन में ही इस नेक काम को करने का कर लिया था फैसला
कुछ समय पहले ही नायर ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान अपने बचपन का यादों को ताजा करते हुए बताया था कि, जब वह 6 साल के थे तभी से उन्हें पेड़ों से बेहद लगाव रहा है। नायर ने एक किस्सा सुनाया कि, उन्होंने गुजरात में एक बार 175 पेड़ों को कटते हुए देखा था। इस दौरान उन पेड़ों पर बसे घोसलों को बिखरते हुए देखकर ही उन्होंने ठान लिया कि वह इस मसले पर जरूर कुछ करेंगे। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक जमीन का टुकड़ा खरीदा और यहां जापान मैथेडोलॉजी अकीरा मियावाकी (Akira Miyawaki) के जरिए 1,500 पेड़ लगाने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने मियावाकी की टीम से संपर्क किया, जो उनकी मदद के लिए आगे भी आई।
अब तक लगाए 6 लाख पेड़
वर्ष 2016 में नायर ने अपनी टीम के साथ मिलकर महाराष्ट्र में एक कैमिकल डंपयार्ड नें 32 हजार पेड़ लगाए थे, जो 38 अलग-अलग किस्मों के थे। आज यह जगह पूरी तरह से जंगल में बदल चुकी है। इसके अलावा इनकी टीम आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पश्चिम बंगाल सहित अब तक देश के 7 राज्यों में 6 लाख से भी ज्यादा पेड़ लगा चुकी है। इसका मतलब उन्होंने 40 जंगल खड़े कर दिए है।
अब बनाएंगे 'पुलवामा शहीद वन'
हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, नायर जल्द ही पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के नाम पर जंगल तैयार करने जा रहे हैं। इसका नाम ही 'पुलवामा शहीद वन' रखा जाएगा। यहां पर 40 अलग-अलग किस्मों के 40 हजार पेड़ लगाए जाएंगे। सिर्फ इतना ही नहीं वह अपने इस काम को भी केवल 40 दिन में ही पूरा करेंगे। गौरतलब है कि पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमला किया गया था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए।
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