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आज हर दिन लोगों को नई-नई टेक्नॉलोजी देखने को मिल जाती है। इसकी वजह से लोगों के कई काम आसान हुए हैं। मार्केट कई ऐसे गैजेट्स आ चुके हैं, जिनका इस्तेमाल कर आप अपनी मेहनत और वक्त दोनों ही बचा है। वैसे भी आज कल की भागदौड़ भरी लाइफ में लोग एक ही चीज पर ज्यादा समय नहीं खराब सकते। इसलिए उन्होंने ऐसी चीजे निकाल ली है जो उनके काम को आसान कर दी है। लेकिन इसी टेक्नॉलोजी ने रिश्तों में दूरियां भी बढ़ा दी हैं। एक वक्त होता था जब लोग घंटों तक एक दूसरे के साथ बैठकर बातें किया करते थे।
माता-पिता बच्चों को कहानियां और किस्से सुनाते थे तो, वहीं घर के सभी बच्चे साथ में खेलते और अपनी बातें एक दूसरे के साथ शेयर करते थे। लेकिन आज हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन देखने के लिए मिल जाते हैं, ऐसे में घर के बच्चों से लेकर बड़े तक पूरा समय बस इसी में बिजी नजर आते हैं। हाल ही में हुए एक शोध में इस बात खुलासा हुआ है कि, माता-पिता बच्चों की पढ़ाई के लिए भी किताबों से ज्यादा ई-बुक का इस्तेमाल करने लगे हैं।
लेकिन ऐसे में उनका ध्यान बच्चों को पढ़ाने से ज्यादा इस नई टेक्नॉलोजी के बारे में चर्चा करने पर रहता है। हालांकि इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि ग्लोबली अपनी जगह बनाए रखने के लिए टेक्नॉलोजी से मुंह नहीं फेर सकते, लेकिन इस सच को भी समझना होगा कि इसकी वजह से अपने रिश्तों को दांव पर न लगाएं।
आज इस टेक्नोलॉजी ने इस कदर लोगों की जिंदगी पर कब्जा कर लिया है, कि हम सभी को सोने से पहले सुबह उठते ही अपना मोबाइल फोन देखने की आदत पड़ चुकी है। यहां तक की कई बार तो काम के बीच में भी हम अपना फोन उठाकर इसे चेक करते रहते हैं। जैसे लोगों के बीच हर चीज को लेकर कॉम्पिटिशियन बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे ही हम अपने दोस्तों और रिश्तों से अलग होते जा रहे हैं। ऐसे में भी लोग आपस में जुड़े रहने के लिए पूरी तरह से सोशल मीडिया पर निर्भर हो गए हैं।
लेकिन कम ही ऐसा होता होगा जब हम इससे बाहर निकलकर एक दूसरे से मिलने की ज्यादा कोशिश करते हैं। हमारे ही बीच कई ऐसे लोग भी मौजूद हैं जो सुबह उठते ही सोशल मीडिया के जरिए न तो लोगों को गुड मॉर्निंग कहना भूलते हैं और न ही रात को सोने से पहले गुड नाइट बोलना, लेकिन इन्हीं लोगों के पास इतना वक्त नहीं होता कि वह अपने पास बैठे पार्टनर या घर में माता-पिता से भी कोई थोड़ी देर चैन से बैठकर बात कर लें। आपको हैरानी कि, आज कल लोगों ने किसी भी चीज का निमंत्रण भी फोन, मैसेज या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए देना शुरू कर दिया है।
सोशल मीडिया से जुड़े रहना जरूरी है, लेकिन इसके लिए एक समय निर्धारित कर लें। सिर्फ इसी को अपनी जिंदगी न बनने दें। क्योंकि हमारे आस-पास बहुत से ऐसे लोग और चीजें हैं जिन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। वरना कब इस कारण रिश्तों में खटास आ जाएगी आपको पता भी नहीं चलेगा।
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