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इन दिनों टिक टॉक (Tik Tok) ऐप को लेकर लोगों के बीच क्रेज बढ़ता जा रहा है। बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्ग भी इस पर काफी एक्टिव हो गए हैं। हालांकि वहीं दूसरी ओर देश की सरकार का मानना है कि इसे बैन कर देना चाहिए। लेकिन अब जो खबर आई है उसे देखकर कहा जा सकता है कि इस ऐप का इस्तेमाल करने वालों को झटका लग सकता है। दरअसल मद्रास हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को इसे बैन करने का निर्देश दिया है। मद्रास हाई कोर्ट का कहना इस ऐप पर आपत्तिजनक कॉन्टेंट और वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं।
साथ यह भी कहा गया है कि, इस ऐप के जरिए पोर्नोग्राफी जैसी चीजे भी बच्चों तक आसानी से पहुंच रही हैं। वहीं दूसरी ओर टिक टॉक ने अपने एक बयान में कहा कि, कंपनी लोकल कानूनों को मानने के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल वह हाई कोर्ट के आधिकारिक ऑर्डर का इंतजार कर रहे हैं। जब एक बार ऑर्डर मिल जाएगा उसके बाद ही कंपनी इस पर कोई प्रतिक्रिया दे पाएगी।
इसके अलावा टिक टॉक कंपनी का यह भी कहना है कि इस ऐप को लेकर सुरक्षित और सकारात्मक माहौल बनाना ही उनकी प्राथमिकता है। बता दें कि इस ऐप को चाइना की कंपनी बाइटडांस द्वारा बनाया गया है। इसमें लोग अपने छोटे-छोटे वीडियो बनाकर अपने टिक टॉक पेज पर शेयर करते हैं। यहां लोग गानों की लिंप-सिंक करते और डांस करते दिखते हैं। यहां कई डायसॉग्स को मजाकिया अंदाज में भी पेश करते हैं।
गौरतलब है कि, फरवरी में ही तमिल के आईटी मिनिस्टर एम मणिकंदन ने कहा था कि इस ऐप पर कुछ कंटेंट ऐसे भी हैं जिन्हें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वहीं दूसरी ओर बीजेपी के आईटी सेल के चीफ ने इस ऐप को काफी क्रिएटिव बताया था।
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