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आज दुनिया में मनाया जा रहा है विश्व पुस्तक दिवस। इसके पीछे की मंशा है लोगों में जागरुकता फैलाना जिससे वो किताबों के प्रति अपना रुख बदल सकें। हर कोई किताबों को रद्दी के भाव बेचने में ज्यादा यकीन रखता है। मगर आपको बता दें कि हाल ही में एक खबर आई थी जिसके मुताबिक हैरी पॉटर की एक किताब कई लाखों में बिकी थी। इसकी खास बात ये थी कि इस किताब का नाम बदला हुआ था और इसमें कई तरह की गलतीयां भी हैं। इन गलतीयों के साथ ही इस किताब कोइतना महंगा बेचा गया। मगर क्या आप जानते हैं क्यों मनाते हैं पुस्तक दिवस और कबसे हुई इसकी शुरुआत।
कैसे हुई शुरुआत
साल 1995 में 23 अप्रैल को UNESCO ने विश्व पुस्तक दिवस घोषित कर दिया था। इसके बाद इस दिन को लोगों के बीच एक जागरुकता फैलाने की कोशिश की। इसी वजह से पुस्तक दिवस दुनिया में किताबों के चाहने वाले लोग ज्यादा मनाते हैं। साल 1923 में स्पैनिश लेखक मीगुयेल डी सरवेन्टीस (Miguel de Cervantes) करते हुए बता दिया गया था कि इस लिए ये दिन मनाया जाएगा।
क्यों मनाते हैं
मीगुयेल डी सरवेन्टीस (Miguel de Cervantes) एक प्रसिद्ध स्पैनिश लेखक थे। इस लेखक की कई लेखनियों को दुनिया में बाईबल के बाद सबसे ज्यादा ट्रांस्लेट किया गया था। इस के साथ कई इतिहासकार स्पैनिश भाषा को la lengua de Cervantes ("the language of Cervantes") भी कहते थे। बता दें कि आज के दिन सिर्फ मीगुयेल डी सरवेन्टीस (Miguel de Cervantes) ही नहीं बल्कि अंग्रेज़ी साहित्य के बड़े लेखक Shakespeare की भी पुण्य तिथी है। Shakespeare का देहांत 23 अप्रैल 1616 में हुआ था और आज उनकी 402वीं पुण्य तिथी है।
Anida Saifi
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