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क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर आज 46 साल के हो चुके हैं। सचिन का जन्म 24 अप्रैल 1973 को एक मराठी परिवार में हुआ। सचिन भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित होने वाले सर्वप्रथम खिलाड़ी और सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। सचिन जब 16 साल के थे तब उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की। वहीं, क्रिकेट को उन्होंने अपना जुनून महज 5 साल की उम्र में ही बना लिया था। क्रिकेट के प्रति सचिन का लगाव देखकर उनके बड़े भाई अजीत तेंदुलकर ने उन्हें 11 साल की उम्र में ही रमाकांत अचरेकर के पास क्रिकेट की ट्रेनिंग के लिए ले गए और फिर यही से शुरु हुआ सचिन और उनके क्रिकेट का सफर।
सचिन ने अपने क्रिकेट करियर में क्या-क्या कीर्तिमान स्थापित किये हैं, यह हर कोई जानता है। सचिन के नाम कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिन्हें आज तक कोई तोड़ नहीं पाया और शायद आने वाले कल में भी कोई नहीं तोड़ पाएगा। बल्लेबाजी में शायद ही कोई ऐसा रिकॉर्ड होगा जो सचिन तेंदुलकर ने न बनाए हो। इन्हीं उपलब्धियों की बदौलत ही तो उन्हें ‘क्रिकेट का भगवान’ कहा जाता है।
लेकिन, क्या आप जानते हैं सचिन तेंदुलकर कि एक ऐसी ख्वाहिश थी जो पूरी नहीं हो पाई है। सचिन का कोई फैन नहीं चाहेगा कि उनकी कोई ख्वाहिश अधूरी रहे, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर सचिन की ये ख्वाहिश पूरी हो जाती तो आज दुनिया को ‘मास्टर-ब्लास्टर’ के रूप में ‘सचिन तेंदुलकर’ नहीं मिलते।
बहुत ही कम लोग जानते हैं कि सचिन तेंदुलकर बचपन में बल्लेबाज़ नहीं बनना चाहते थे। दरअसल, उनकी ख्वाहिश तो तेज गेंदबाज बनने की थी। जी हां, सचिन बचपन से ही एक तेज गेंदबाज बनना चाहते थे, इसी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए वह मुंबई से चेन्नई MRF पेस एकेडमी गए थे। यहां सचिन की मुलाकात ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज डेनिस लिलि से हुई। जब सचिन ने उन्हें अपनी ख्वाहिश बताई, तो उन्होंने सचिन को सलाह दी कि वह गेंदबाज बनने का ख्याल अपने जहन से निकाल दें, क्योंकि वह गेंदबाजी नहीं बल्कि बल्लेबाजी करने के लिए बने हैं। उन्हें अपना पूरा ध्यान बल्लेबाजी पर लगाना चाहिए।
और यकीनन डेनिस लिलि की ये सलाह न केवल सचिन के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए फायदेमंद साबित हुई और हमें मास्टर-ब्लास्टर के रूप में सचिन तेंदुलकर मिले।
हालांकि, अब सचिन की ये अधूरी ख्वाहिश उनका बेटा अर्जुन तेंदुलकर पूरा कर रहा है। जी हां, अर्जुन तेंदुलकर की पहचान क्रिकेट की दुनिया में एक घातक गेंदबाज की है।
पिछले साल अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी के मैच में दिल्ली के खिलाफ घातक गेंदबाजी करते हुए अर्जुन ने 5 विकेट झटके थे।
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