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7 मई से रमज़ान के पाक महीने शुरूआत हो चुकी है। 3 दिनों तक चलने वाला महीना 6 जून को खत्म होगा, इसके बाद खूब धूम-धाम के साथ ईद का जश्न मनाया जाएगा। लंबे समय से लोग इसकी तैयारियों में जुट जाते हैं। बता दें कि मुस्लिम समुदाय के ज्यादातर लोग रोज़ा रखते हैं। ऐसे में कई चीजों को लेकर काफी एहतियात भी बरतनी पड़ती है। लेकिन इन रिवाजों के चलते धर्म के नाम पर कई ऐसे कानून भी बना दिए जाते हैं, जो झूठे और गलत होते हैं। लेकिन लोग कोई जोखिम न लेते हुए रमजान से जुड़ी गलत चीजों को फॉलो करते रहते हैं। तो चलिए पहले जानते है कि क्या हैं वो मिथ और इनका पूरा सच।
रमजान के महीने में ब्रश करने की मनाहीं:- अक्सर लोगों ने यह सुनने के लिए मिल जाता है कि रमजान के महीने में ब्रश भी नहीं किया जाता। लेकिन आपको बता दें कि यह धारणा बिल्कुल गलत है। बल्कि यह महीना इतना पाक होता है कि नमाज अदा करने से पहले भी इस्लाम में सिवाक (दातुन) से दांत साफ करने का नियम बनाया गया है। इसे जरूरी माना जाता है, क्योंकि ऐसे न किए जाने पर नमाज भी पूरी नहीं मानी जाती।
सभी को रोज़ा रखना जरूरी:- कहा जाता है कि रमजान के महीने में हर मुस्लिम के लिए रोज़ा रखना जरूरी होता है। लेकिन ऐसा इस्लाम में कहीं भी नहीं लिखा कि हर कोई रोज़ा रखे। इस दौरान प्रेग्नेंट महिलाएं, बुजुर्ग, बीमार शख्स और लंबा सफर तय करने के वाले लोगों के लिए रोज़ा रखा जाना अनिवार्य नहीं माना जाता।
थूक तक अंदर नहीं ले सकते रोज़े रखने वाले शख्स:- गैर मुस्लिम लोगों को ऐसा लगता है कि रोज़ा रखने वाला शख्स थूक तक अंदर नहीं ले सकता, क्योंकि उसे पानी तक पीने की मनाहीं होती है। लेकिन यह पूरी तरह से गलत धारणा है।
रोज़ेदार के सामने आप कुछ खा नहीं सकते:- जो लोग रोज़ा रखते हैं उन्हें पूरा दिन कुछ भी खाने या पीने की इजाजत नहीं होती। इसलिए लोगों को लगता है कि दूसरे लोग भी उनके सामने बैठकर कुछ खा नहीं सकते। लेकिन यह सिर्फ एक मिथक है। इस्लाम के अनुसार रमजान का महीना खुद पर संयम रखने के लिए माना जाता है।
पीरियड्स की वजह से टूट जाते हैं रोज़े:- यह बात पूरी तरह से सही नहीं है। रमजान के महीने में जब भी पीरियड्स के दिन आते हैं, उस समय में रोज़े माफ होते हैं। इस वजह से आपके जितने भी दिनों के रोज़े छूट जाते हैं उन्हें ईद के बाद भी पूरा कर सकते हैं।
नहीं लगा सकते बालों में तेल या शरीर पर इत्र:- रोज़े के दौरान खुद को ज्यादा साफ-सुथरा रखना होता है। ऐसे में रोज़ेदार चाहें तो बालों में तेल, शैम्पू या बॉडी पर इत्र भी लगा सकते हैं।
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