Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
ये दिन ब्लड डिसऑर्डर के लिए मनाया जाने वाला दिन है। इसको World thalassemia day कहते हैं। ये दिन उन लोगों के लिए समर्पित होता है जिनके खून में परेशानी होती है। इस परेशानी से निपटना आसान नहीं है। इसमें शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। देखने वाली बात तो ये है कि ये बीमारी अनुवांशिक होती है मतलब कि आपके जीन्स में आई हो , आपके माता पिता या फिर फैमिली हिस्ट्री में रही हो। आज इस बीमारी के बारे में हम आपको बता रहे हैं कुछ खास बातें-
क्या है thalassemia: इस बीमारी में इंसान के खून में परेशानी आ जाती है। जिसके चलते रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है। साथ ही रेड ब्लड सेल्स की भी भारी कमी आ जाती है। इसी के चलते शरीर में ऑक्सीजन की कमी बढ़ जाती है। इसकी वजह से एनिमिया होता है और मरीज को हर समय थकान महसूस होती है।डॉक्टर की माने तो अगर किसी को शुरुआती स्टेज का thalassemia है तो इसको इलाज की जरूरत नहीं है सिर्फ कुछ दवाई खा कर इसको खत्म किया जा सकता है। इसी के विपरीत अगर किसी का thalassemia बढ़ जाता है तो हर महीने उसे नये खून की जरूरत पड़ती है।
क्या है लक्षण: इसके लक्षण खास नही काफी आम से होते हैं। इसलिए इसका पता लगाना मुश्किल होता है। फिर कुछ चीजों पर ध्यान देकर आप इसका पता लगा सकते हैं जैसे कि जरूरत से ज्यादा थकान, कमजोरी, स्किन का रंग पीला, फेस की हड्डियों का बदल जाना, बच्चों में ग्रोथ का कम होना, पेट पर सूजन और मूत्र के रंग का गाढ़ा होना ये सब इसके कुछ ऐसे लक्षण है जो कि thalassemia से ग्रसित होने की तरफ इशारा करते हैं।
इससे बचाव: thalassemia एक ऐसी बीमारी है जो आपके खून में या फिर पैदाइशी बच्चों में उनके पाता पिता में से किसी एक से आती है। दो तरह के thalassemia होते हैं- एक Alpha और दूसरा beta। इन दोनों का ही असर बहुत बुरा होता है। इससे बचाव वैसे संभव नहीं है क्योंकि लोगों के जीन्स में ये बीमारी होती है।
Anida Saifi
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से...
YOUR REACTION
  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.