Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
एक टॉयलेट सीट पर सबसे ज्यादा किटाणु पाए जाते हैं। इसी कारण लोग हमेशा अपने घरों के टॉयलेट को बहुत साफ-सुथरा रखते हैं। इसके बावजूद हम जितनी बार टॉयलेट जाते हैं, उतनी ही बार अच्छी अपने हाथ भी धोते हैं। इसके अलावा कोई गलती से भी फ्लश करना तो भूल ही नहीं सकता, क्योंकि हमारी आदत में शामिल हो चुका है। लेकिन क्या हो जब वॉशरूम जाने के लिए आपको कुछ कानूनों का पालन करना पड़े। सुनने में यह बात बेहद अजीब लगती है।
आप भी सोच रहे होंगे कि टॉयलेट जाने के लिए कौन कानून या नियम बनाता है। लेकिन आपको बता दें कि, एक देश है जहां लोगों को टॉयलेट का इस्तेमाल करने के लिए कुछ कानूनों के तहत उसका पालना करना पड़ता है, वरना उसका अंजाम भी बहुत बुरा होता है। इसे सुनकर ही ऐसा लगता है कि, “क्या मुसीबत है ये।” अब जरा ऐसे में आप उस देश के लोगों के बारे में इन सब चीजों को बर्दाश्त कर रहे हैं।
टॉयलेट के लिए कुछ कानून स्विट्जरलैंड में बनाए गए हैं। यहां के लोगों रात को 10 बजे के बाद टॉयलेट का इस्तेमाल तो कर सकते हैं, लेकिन वह फ्लश का बटन नहीं दबा सकते। यह सुनने में भी इतना है घिनौना है। तो जरा सोचिए जिन्हें रात को बिना फ्लश किए उसी घर में रहना होता है उन्हें तो शायद रात को इसकी वजह से नींद भी नहीं आती होगी।
लेकिन इसके बावजूद वह फ्लश नहीं कर सकते, क्योंकि अगर किसी ने उनकी शिकायत कर दी तो उस शख्स को भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। इस तरह का कानून बनाने के पीछे एक अहम कारण भी बताया गया है। दरअसल, कहा जाता है कि फ्लश करने की वजह से आवाज होती है जिससे ध्वनि प्रदुषण फैलता है। स्विट्जरलैंड में इसे नॉइस पॉल्यूशन का सबसे बड़ा कारण माना गया है।
'ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.