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अगर किसी जगह पर एक ही दिन में 2 बार भी भूकंप के झटके लग जाए तो लोगों में एक डर पैदा हो जाता है। ऐसे में अब सोचिए कि आपको एक ही दिन में 400 से भी ज्यादा बार भूकंप झेलना पड़ता हो, तो कैसा हो। इसके बारे में सोचने से भी डर लगता है, लेकिन एक देश ऐसा है जहां पर लोगों को इस तरह के हालातों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से लोग इस परेशानी को झेल रहे हैं। दरअसल, यहां हम दक्षिण कैलिफोर्निया के बारे में बात कर रहे हैं। जहां पर हर 3 मिनट में भूकंप के झटके लगते हैं।
एक सर्वे की रिपोर्ट में यह बात साबित हुई है कि वर्ष 2008 से लेकर 2017 तक यहां 20 लाख भूकंप के झटके आए थे। हालांकि इसकी तीव्रता सिर्फ 2.0 से 3.0 तक होती है। इसी वजह से बहुत से लोगों को इस बात का अहसास भी नहीं हो पाता कि यहां कोई भूकंप भी आया है। न ही इसके कारण किसी भी तरह का कोई नुकसान होता है। रिपोर्ट के अनुसार, यहां हर दिन 495 बार भूकंप आता है। हैरानी की बात तो यह है कि खुद वैज्ञानिक भी नहीं जानते कि यहां पर ऐसा क्यों होता है।
यूएस जियोलॉजिकल की सर्वे के अनुसार, आमतौर पर भूकंप का पता सिर्फ तभी लगाया जा सकता है जब उसकी तीव्रता 3.0 से ज्यादा हो। इस सर्वे को करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि, वाहनो के शोर और भवन के निर्माण में चल रही प्रक्रिया के कारण ही कम तीव्रता वाले भूकंप का पता नहीं चल पाता। इस तरह के भूकंपों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक टेंपल मैंचिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हैं।
एक रिसर्चर का कहना है कि, टेंपल मैचिंग प्रक्रिया में डेटा को स्टोर करके रखने में बहुत मुश्किल आती है। इसके लिए बड़े कम्प्यूटर्स की आवश्यकता होती है। कम तीव्रता वाले भूकंप का पता लगाने के लिए ज्यादा मात्रा में डेटा को जमा किया जाता है। इसी से पता लगाया जाता है कि भूकंप आने की शुरुआत कैसे हुई। उन्होंने साथ ही यह भी कहा है कि, टेंपल मैचिंग प्रक्रिया कुछ सेंकड का वक्त देती है, ताकि बचाव किया जा सके।
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