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चांद को लेकर बहुत सी कहानियां और गाने बन चुके हैं। अक्सर आपने देखा होगा कि किसी की खूबसूरती की तारीफ करने के लिए लोग चांद के साथ उनकी तुलना कर देते हैं। लेकिन अब लगता है कि खुद चांद की खूबसूरती भी मुरझाने लगी है। पिछले काफी समय से यह सुनने को मिल रहा है कि चांद का आकार पहले मुकाबले अब कम हो गया है। इसका मतलब है कि यह लगातार सिकुड़ता जा रहा है। लेकिन हाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि चांद की सतह पर झुर्रियां पड़ने लगी है।
सोमवार को नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने बीते सोमवार को इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने अपनी एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कहा है कि चंद्रमा का आकार धीरे-धीरे छोटा हो रहा है। इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि चांद की सतह पर झुर्रियां पड़ने लगी हैं। नासा द्वारा चांद की हजारों तस्वीरें खीचने के बाद इस बात का विश्लेषण किया गया है, जिससे जुड़ी यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले लाखों में चांद का आकार 150 फुट छोटा हुआ है। चांद पर सतह पर इस तरह का असर इसलिए देखने को मिल रहा है क्योंकि यहां ऊर्जा खोने की प्रक्रिया लगातार चल रही है और इसी कारण चांद भी सिकुड़ता जा रहा है। यह भी कहा गया है कि, कई लाख साल पहले चांद पर हुई गतिविधियां अब तक जारी हैं।
चांद पर कोई भी टैक्टोनिक प्लेट नहीं है, लेकिन फिर भी यहां टैक्टोनिक गतिविधियों के मिलने से वैज्ञानिक भी हैरान है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, चांद पर गतिविधि ऊर्जा खोने की प्रक्रिया 4.5 अरब साल पहले हुई थी। इसी कारण चंद्रमा की सतह अब किसी छुहारे के जैसी हो गई है। ऐसे में चांद पर भूकंप भी आते रहते हैं।
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