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इन दिनों गर्मी का आलम इस क़दर है कि ये हमें पागल किये दे रहा है। हर बार की तरह लोग इस बार की गर्मी की तुलना भी बीते साल की गर्मी से करते हैं। ये सिलसिला साल दर साल चलता है और परिणाम में हमें यही मिलता है कि बीते साल की तुलना में इस बार गर्मी कुछ ज़्यादा ही सता रही है। ऐसे में बड़ा स्पष्ट है कि दाल दर साल गर्मी में हमारे वातावरण का तापमान बढ़ती ही चला जा रहा है। लेकिन क्या आपने कभी इसके कारणों के बारे में सोचा है। अगर नहीं तो गर्मी बढ़ाने वाले इन प्रमुख कारणों पर आपको ग़ौर करना चाहिए।
गर्मी दिन-ब-दिन बढ़ती चली जा रही है, उसके तमाम कारणों में से एक सबसे बड़ा कारण लोग ख़ुद ही हैं। आपको बता दें कि ज़्यादातर लोग ग्लेशियरों के पिघलने को गर्मी का कारण समझते हैं, लेकिन आज जो गर्मी पड़ रही है उसका सबसे बड़ा कारण है लोगों की दिनचर्या। जी हाँ, इस जीवन शैली में गर्मी बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है, लोगों द्वारा मांसाहारी भोजन का उपयोग और उपभोग। भारत सहित दुनियाभर के वैज्ञानिकों का मानना है कि जिनके जीवन में मांसाहार का उपयोग और उपभोग ज़्यादा है, उनके कारण सबसे ज़्यादा गर्मी बढ़ रही है। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि पृथ्वी की 25 फीसदी गर्मी के लिए सीधे तौर पर वे देश ज़िम्मेदार हैं जहाँ मांस का अधिक सेवन होता है।
इसके अलावा 18 प्रतिशत गर्मी दुनियाभर में बिना ज़रूरी यात्राएँ करने से बढ़ रही है और इसेक लिए सीधे तौर पर लोगों का गाड़ी लेकर यूँ ही कहीं भी निकल जाता है। इसके बाद जो बची हुयी गर्मी है वह औद्योगिक सहित कुछ अन्य कारणों से पैदा हो रही है। इस गर्मी को स्थिर करने के लिए अनावश्यक उत्पादनों को शीघ्र ही बंद करना होगा, मसलन फ़्रीज़ और एसी वगैरह ये सब ग़ैर-ज़रूरी उत्पाद हैं। इनका भी रोल हमारी दिनचर्या में बंद हो जाना चाहिए, तभी गर्मी से निजात मिल सकती है।
Author: Amit Rajpoot
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