Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
हम सभी अपने-अपने जीवन में सफ़ल होना चाहते हैं और इसके लिए दिन रात जो-तोड़ मेहनत भी करते हैं। लेकिन कुछ ही लोगों को मेहनत का अच्छा फल मिल पाता है और इसके पीछे कुछ रहस्य होते हैं, जो हर सफल इंसान के साथ जुड़े हुए होते हैं। इन रहस्यों को हम सुकरात के विचारों से समझ सकते हैं। ऐसें में यदि आप भी सफलता के इन रहस्यों को जानना चाहते हैं तो सुकरात की इस कहानी से आपको परिचित होना चाहिए, जो आज हम आपको सुनाने जा रहे हैं। इस कहानी को सुनकर आप समझ सकते हैं कि बुद्धिमान लोग सफलता पाने के लिए कौन सा रहस्य धारण किये रहते हैं।
एक बार एक छात्र ने सुकरात से पूछे कि हे गुरुवर! आप एक महान दार्शनिक हैं और लगभग सभी प्रश्नों का उत्तर जानते हैं। ऐसे में आप मुझे इस प्रश्न का उत्तर दीजिए कि आख़िर सफ़लता के रहस्य क्या हैं। छात्र की बात सुनकर सुकरात मुस्कुराए और उन्होंने कुछ कहा नहीं। बस, सुकरात ने उस छात्र को सुबह सवेरे नदी के किनारे मिलने को कहा। छात्र ने सुकरात की बातों का पालन किया और अगले दिन नदी किनारे पहुँच गया। छात्र को लगा कि सुकरात उसे कोई महान लेक्चर देने वाले हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
सुकरात ने उस छात्र को अपने पीछे-पीछे आने को कहा और वह नदी में उतरने लगे। छात्र घबराया लेकिन उसने सुकरात का अनुसरण किया, क्योंकि सफलता का रहस्य जानने का आग्रह उसी का था। सुकरात ने उस छात्र को नदी में डुबकी लगाने को कहा। ऐसे में छात्र ने नदी में डुबकी लगा दी। छात्र के डुबकी लगाते ही सुकरात ने उसका सिर ऊपर से पकड़ लिया और तब तक नहीं छोड़ा जब तक कि छात्र ने अपना आख़िरी बल लगाकर सुकरात को धक्का नहीं दे दिया।
सुकरात ने उस छात्र से दो टूक ही कहा कि जिस दिन सफलता पाने के लिए तुमने यह अंतिम लगा लगा दिया जैसा कि जीवन प्राण पाने के लिए तुमने अबी लगाया है, उसी दिन तुम सफल हो जाओगे। छात्र को सुकरात की बात समझ आ चुकी थी।
Author: Amit Rajpoot
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop App, वो भी फ़्री में और कमाएँ ढेरों कैश आसानी से!
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.