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देश की महिलाओं की जिंदगी में क्रांती लाने वाले राजा राम मोहन रॉय आज के ही दिन पैदा हुए थे। राजा राम मोहन रॉय की वजह से देश में कई तरह की बड़ी क्रांती आई थी। इनके कारण देश में महिलाओं पर होने वाले कई तरह के अत्याचार खत्म हो गये थे। एक स्त्री को समाज में जगह दिलाने से लेकर स्ती प्रथा जैसी रूढ़ीवादी चीजों को खत्म करने वाल राजा राम मोहन रॉय के बारे में आज हम बता रहे हैं आपको खास बातें।
कौन थे राजा रास मोहन रॉय
18वीं और 19वीं सदी में एक क्रांती की हवा चलाने वाले राजा राम मोहन रॉय। उस समय स्त्री पर होने वाले हर तरह के अत्याचार के खिलफ थे। इस सब के खिलाफ अवाज भी उठाई। वो भी अंग्रेजों के साथ मिल कर। इसके अलावा राम मोहन रॉय ने कई किताबें भी लिखीं। इसी के साथ धर्म में रूची ना रखने वालों के लिए अलग से एक समाज बनाया जिसका नाम था ब्राहमोस। बंगाल के रहने वाले राजा राम मोहन रॉय देश के लिए एक मिसाल सबित हुए।
क्या क्या काम किये
बता दें कि 18वीं सदी जैसे हर किसी के लिए एक काली सदी बन गयी थी। इतना ही नहीं इस साल में देश में तेजी से कुछ रूढ़ीवादी चीज़े फैल रही थी। इसी के चलते देश में क्रांती लाना बेहद जरूरी था। स्ती प्रथा एक ऐसी चीज़ थी जिसका कोई भी तर्क नहीं था। इस प्रथा में स्त्री को उसके पति की मृत्यू के बाद जिंदा जला दिया जाता था। इसको खत्म करने में राज राम मोहन का काफी बड़ा हाथ था।
इसके अलावा बाल विवाह भी काफी तेज़ी से फैल हुआ था। इसको भी खत्म करने में राजा राम मोहन रॉय ने अपनी सारी जान लगा दी थी।
परदा प्रथा उस समय आम थी। जिसको खत्म करके महिलाओं के बीच एक समानता पैदा कि। इसके अलावा लोगों को उनकी मात्र भाषा पढ़ने पर भी जोर दिया था।
Anida Saifi
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