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देश में वोट डल चुके हैं। बस कुछ ही घंटो में देश को नया प्रधानमंत्री मिल जाएगा। इस बारे में जानने में हर किसी को खास रूची है। सुबह से ही हर कोई न्यूज चैनल पर नजर गढ़ाए बैठा है। वोटों कि गिनती चालू है और देश के कोनो कोनो से नतीजे आ ही रहे हैं। वोट की गिनती करना आसान नहीं है। एक दम सही और सटीक आंकड़ें देने होते हैं। जो हर किसी के बस की बात नहीं है। इस एहम काम का पूरा जिम्मा चुनाव आयोग के कंधो पर होता है। आज जानिये किस तरह से होती है वोट की गिनती।
क्या गिना जाता है
इनकी गिनती करना वैसे ही आसान नहीं होता है। वोट गिनने में कुल 90 करोड़ लोगों का वोट और इसी के साथ 8000 प्रत्याशी को ध्यान में रखना होता है।
कैसे होती है योजना
लगभग एक हफ्ते पहले ही रिटर्निंग ऑफिसर ये सुनिश्चित कर देता है कि कौनसी जगह पर गिनती शुरू होगी। इसके लिए खास तौर पर एक सरकारी बिल्डिंग का इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि ये बिल्डिंग कोई भी सरकारी स्कूल या फिर सरकारी कॉलेज हो सकता है। जिसमें एक हॉल हो और उधर 14 टेबल आराम से आ सके।
वोट की गिनती
सुबह 8 बजे से ये गिनती शुरू होती है। इस जगह पर सिर्फ RO, counting staff, candidates, their election agents and counting agents, public servants on duty, के अलावा किसी को भी आने की अनुमति नहीं होती है। हर कैंडिडेट अपने लिए ज्यादा से ज्यादा 16 काउंटिंग एजेंट एक हॉल में अपने लिए निर्धारित कर सकते हैं। इनका काम होता है हर चीज़ को देखना कि गिनती में कोई गड़बड़ ना हो जाए।
मशीन में होता है सील बटन
चर्चित EVM मशीन में एक सील बंद बटन होता है। जिसको कंट्रोल ऑफिसर को दबाने की अनुमती होती है। इसको खोलने से पहले एक ऑफिसर को एक रिजल्ट बटन को दबाना होता है और ये सील टूट जाती है। इसके बाद किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले हैं स्क्रीन पर दिखने लगते हैं। जिसको देखने की अनुमती सिर्फ रिटर्निंग ऑफिसर को होती है। इस बार की बात करें तो इस बार VVPAT मशीन भी है जो अफसरों की मदद करेगी गिनती करने में। इसके अलावा हाल ही आये सुप्रीम कॉर्ट के बयान को देखते हुए हर पोलिंग स्टेशन की 5 VVPAT मशीन की पर्चियों की गनती जरूरी है।
दोबारा गिनती करवा सकते हैं
इसके मुताबिक जो भी प्रत्याशी वोट की गिनती करवा रहा होता है अगर उसको लगता है कि वोट गिनने में गड़बड़ हुई है। इसके मुताबिक एक बार और गिनती की जा सकती है। इसके बाद ऑफिसर सारे परिणाम लेकर चुनाव आयोग को दे देता है। फिर चुनाव आयोग नतीजों की घोषणा कर देता है।
वोट की गिनती Representation Of people Act के अंतर 1951 और 1961 में हुए चुनाव के हिसाब से होती है।
Anida Saifi
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