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टील-ग्रीन रंगों की दुनिया में काफी ज़्यादा पसंद किया जाने वाला कलर है। वास्तव में टील ग्रीन कलर रंगों का एक ऐसा मिश्रित रूप है, जो मध्यम नीले और हरे रंग से बनाया जा सकता है। इसे हम काले या भूरे रंग के साथ आवश्यकतानुसार गहरा भी कर सकते हैं। हरे और नीले रंग से बने इस मिश्रण को आप सियान के लगभग समान ही समझ सकते हैं। बात करें टील कलर के पूरक रंग की तो यह मैरून में जाकर ठहरता है। यानी कि हम कह सकते हैं कि टील-ग्रीन कलर का पूरक रंग मैरून है। दिलचस्प है कि पहली बार इस रंग का नाम तब सामने आया था जब साल 1917 में एक इंग्लिश वैन को टील-ग्रीन कलर कहकर रिकॉर्ड किया गया था और बाज़ार में पेश किया गया था।
रंगों के इस मिश्रण (टील-ग्रीन) का नाम अनस क्रेक्का नाम के एक पक्षी से लिया गया है, जिसके सिर पर ऐसी ही एक समान रंग की पट्टी बड़ी ख़ूबसूरत लगती है। इस पक्षी को हम कॉमन टील के नाम से भी जानते हैं। इसीलिए इस कलर का नाम भी हम टील-ग्रीन कह देते हैं। मालूम हो कि कॉमन टील चूँकि यूरेशिया में पाया जाता है इसलिए हम इस पक्षी को यूरेशियन टील के नाम से भी जानते हैं, जिसे संक्षेप में हम केवल टील भी कहते हैं। इस प्रकार चाहे टील-ग्रीन हो या फिर किसी भी रंग मसलन ब्लू आदि सभी के टील कलर इसी टील बर्ड से ही उपजे हैं।
ग़ौरतलब है कि फ़ैशन की दुनिया में टील-ग्रीन कलर का प्रयोग बड़ा यूनिक माना जाता है। जी हाँ, आपको बता दें कि टील-ग्रीन कलर के कपड़े पहनकर आप पूरी महफिल से अलग दिख सकते हैं। इसके लिए आपको न सिर्फ़ टील-ग्रीन कलर के कपड़े बल्कि कुछ एसेसरीज़ वगैरह भी ट्राई करना चाहिए। अपने हर फॉर्म में ये कलर आपके लुक को सपोर्ट करेगा।
Author: Amit Rajpoot
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