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वैसे तो अभी तक ऐसी किसी युक्ति का ईजाद नहीं हुआ है, जिससे इंसान की उम्र पता चल सकें, लेकिन व्यक्ति के शारीरिक क्षमताओं के आधार पर उसके जीने की सम्भावनाए जरूर बताई जा सकती है। जैसे कि व्यक्ति की सूंधने की क्षमता से उसके जीवन शक्ति का पता चलता है। जी हां, आपकी सूंघने की क्षमता बताती है कि आप कितनी लंबी उम्र जीएंगे। ऐसा हम यूं ही नहीं कह रहे हैं, बल्कि ये एक हालिया शोध में तथ्य के रूप में सामने आया है। चलिए इस बारे में जरा आपको विस्तार से बताते हैं
दरअसल, मेडिकल की जानीमानी जुड़ी पत्रिका एनल्स आफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, जिन लोगों में चीजों को सूंघने में दिक्कत आती है, उन्हे अगले 5 से 10 सालों के अंदर मरने का खतरा अधिक होता है। ये खतरा तकरीबन 19 प्रतिशत उन लोगों के मुकाबले अधिक होता है, जो कि गुलाब, पिपरमिंट और संतरे जैसी चीजों की खुशबू ठीक-ठाक सूंघ लेते हैं।
असल में, अमेरिका में हुए इस शोध में 71 वर्ष से 82 वर्ष के बीच के 2300 लोगों के स्वास्थ्य आंकड़ों की समीक्षा की, जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल थे। साथ ही लोगों को सूंघने की क्षमता का भी आंकलन किया गया और इसके आधार पर उन्हें अच्छे, सामान्य और खराब की तीन श्रेणियों में रखा था। ऐसे में शोध के निश्कर्ष के रूप में जिन लोगों की सूंघने की क्षमता 46 फीसदी तक खराब थी, उनकी जीने की सम्भावना 5 से 10 साल बताई गई, वहीं जिनके सूंघने की क्षमता 30 फीसदी तक ही खराब थी, उनके जीवित रहने की संभावना 13 साल तक बताई गई।
यानी कि इस शोध से जाहिर है कि सूंघने की क्षमता व्यक्ति के बेहतर स्वास्थ्य की निशानी है। दरअसल, नाक में होने वाले बदलाव या सूंघने की क्षमता में होने बदलाव आपके बदलते स्वास्थ्य की निशानी है। जैसे कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि सूंघने में दिक्कत अल्जाइमर का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसे में कुछ खास तरह के गंध का एहसास माइग्रेन की निशानी है। ऐसे में अगर किसी को सूंघने में जरा भी दिक्कत पेश आ रही हो तो उसे तुरंत किसी डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।
Author: Yashodhara Virodai
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