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काला जादू या तंत्र विद्या अपनी ऊर्जा के इस्तेमाल से ख़ास असर पैदा करने की एक विशेष तकनीक है। इस तकनीक के लिए बंगाल देश-दुनियाभर में काफी प्रसिद्ध है। लेकिन केरल के लोग दावा करते हैं कि काला जादू उनके यहाँ से पैदा हुआ है और वह बंगालियों से अच्छी तंत्र विद्या जानते हैं। बहरहाल, ये बात सच है कि भारत में पहले एक फेमिली डॉक्टर की तरह एक भूत-प्रेत वाला डॉक्टर भी होता था। वास्तव में भारत में काला जादू या तंत्र विद्या का विस्तार काफी ज़्यादा था। यही कारण है कि यहाँ पर परिवार के लोग इस विषय में किसी न किसी से काला जादू और तंत्र आदि के बारे में सलाह लेते रहते हैं।
आपको बता दें कि आज की किसी अन्य तकनीक की तरह काला जादू या तंत्र विद्या भी एक ख़ास तरह की तकनीक हुआ करती थी, लेकिन जैसा कि हर तकनीक के साथ होता है कि उसका सदुपयोग करने की बजाय लोग उसका नुकसानदायक प्रयोग अधिक करने लगते हैं। काला जादू या तंत्र विद्या के साथ यह और भी ज़्यादा हुआ कि लोग इसका ज़्यादा से ज़्यादा ग़लत इस्तेमाल ही किया करते थे, जबकि इसके अनेक सकारात्मक उपयोग होते थे।
काला जादू आज भी केरल में सबसे अधिक प्रचलित है। इसके बाद यह पश्चिम बंगाल में काफी फल-फूल रहा है। इन दोनों के अलावा उत्तर-पूर्वी भारत और कश्मीर में इसका प्रचलन बढ़-चढ़कर देखने को मिलता है। जी हाँ, एक समय था जब कश्मीर में काफी तंत्र विद्या थी। इन जगहों के अलावा उड़ीसा के कुछ जगहों पर और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी काला जादू है।
हालांकि उत्तर भारत के मैदान में जादू-टोना होता है,, लेकिन यहाँ काला जादू जैसा कोई सिद्ध प्रचलन देखने को न के बराबर मिलता है। फिलहाल इस काले जादू की शुरुआत कहाँ हुयी इस संबंध में लोगों के अपने-अपने मत हैं।
Author: Amit Rajpoot
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