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आज यानी 5 जून को देश भर में पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है, ऐसे में आज फिर कई सारे कार्यक्रमों में पर्यावरण बचाने की बाते होंगी, पर वहीं कल फिर सभी लोग इसके प्रति उदासीन हो जाएंगे। आम नागरिक जहां इसके लिए सरकार को दोषी ठहराएगी, वहीं सरकार आम लोगों की निष्क्रियता को। लेकिन जरा आप भी सोचिए, क्या जरूरी है कि पर्यावरण के संरक्षण के लिए हम किसी योजना का इंतजार करें, बल्कि ये तो हमारे सोच, हमारे व्यवहार में शामिल होना चाहिए कि हम इसके लिए खुद तत्पर रहें। असल में, हम रोज अपनी निजी जिंदगी में ऐसी गलतियां करते हैं, जो पर्यावरण के लिए घातक साबित होती हैं, ऐसे में अगर उन पर नियंत्रण कर सकें तो ये पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम होगा।
आज हम आपको ऐसी कुछ चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका हम हर रोज इस्तेमाल करते हैं जबकि ये पर्यावरण के लिए काफी घातक होती हैं। जैसे कि...
टूथपेस्ट
जी हां, आप सोच भी नहीं सकते कि टूथपेस्ट जैसी चीज, जिसका आप रोजाना सुबह इस्तेमाल करते हैं वो पर्यावरण और बाकी जीवो के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल, कई सारे टूथपेस्ट में प्लास्टिक माइक्रोबीड्स पाए गए हैं, जो कि समुद्री वातावरण और समुद्री जीवों के लिए बेहद घातक होता है। जबकि बात की जाए आकड़ों की तो हर रोज इस्तेमाल होने टूथपेस्ट के कारण हर साल लगभग 80 लाख टन प्लास्टिक समुद्र में जाता है।
चॉपस्टिक
आमतौर पर लोग चाइनिज खाने को चॉपस्टिक के साथ खाना पसंद करते हैं, पर क्या आपको पता है कि चॉपस्टिक भी प्रकृति और पर्यावरण के लिए काफी घातक है। जी हां, आपको ये जानना चाहिए कि हर साल लगभग 5 हजार 7 सौ करोड़ डिस्पोजेबल चॉपस्टिक के जोड़े बनाने के लिए तकरीबन 40 लाख पेड़ों की बली दी जाती है। ऐसे में पेड़ तो कट ही रहे हैं, साथ ही बात की जाए चॉपस्टिक की तो ग्रीनपीस के अनुसार, चॉपस्टिक में ऐसे केमिकल मिलाए जाते हैं जो इंसान में श्वसन संबंधी बीमारियां पैदा कर सकते हैं। ऐसे में ये पर्यावरण और मानव जीवन दोनो के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।
'वेट वाइप्स'
आजकल बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए 'वेट वाइप्स' का इस्तेमाल खूब बढ़ गया है। चेहरा साफ करना हो या फिर बच्चों की नैपी चेंज करनी हो, लोग 'वेट वाइप्स' का इस्तेमाल करने लगे हैं। वहीं आम तौर पर माना जाता है कि ऐसे वाइप्स को टिशू की तरह फ्लश किया जा सकता है पर आपको ये जानना चाहिए कि वास्तव में 'वेट वाइप्स' भी प्लास्टिक ही होतें है जो कि आसानी से नहीं गलते। ऐसे में इसके चलते ब्लॉकेज की बड़ी समस्या का सामना होती है और वहीं फ्लश किये हुए वाइप्स सीवर से होते हुए समुद्री बीच तक जा पहुंचते हैं और वहां गंदगी फैलाते हैं। चूंकि प्लास्टिक के होते हैं, ऐसे में ये गलते भी जल्दी नहीं है।
प्लास्टिक बैग
वैसे प्लास्टिक बैग के तो आप जानते हैं कि ये वातावरण के लिए कितना खतरनाक होता है, लेकिन फिर भी हम हर रोज इसका इस्तेमाल किसी ना किसी रूप में करते हैं। ये जानते हुए भी कि ये हमारे आज के लिए ही नहीं बल्कि सालों बाद आने वाली पीढ़ियों को भा प्रभावित करेंगे। क्योंकि प्लास्टिक कई हजार साल बाद भी डिकम्पोज नहीं होते ।
Author: Yashodhara Virodai
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