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जी हां, आमतौर पर किसी भी आइटम में हमे जो ब्रांड सबसे पहले भा जाता है हम उसी का प्रयोग करना शुरू कर देते हैं और लंबे समय तक वही हमारी पसंद बनी रहती है। वैसे बाकी चीजों में तो ये ठीक है कि आप एक ही तरह के सामान का प्रयोग करते हैं, पर अगर ये फंडा आप अपने कुकिंग ऑयल के साथ भी आजमा रहे हैं तो कहीं ना कहीं आप अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैँ। असल में, हाल ही में हुए एक शोध में ये बात सामने आई है कि लगातार एक ही तरह के कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल हमारी सेहत के लिए सही नहीं है। चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
इस शोध के अनुसार, खाने में लगातार एक ही तरह के तेल के इस्तेमाल के चलते हम जहां कुछ बीमारियों का शिकार हो सकते हैं वहीं हम दूसरे ऑयल में मिलने वाले पोषक तत्वो से वंचित हो जाते हैं। असल में हमारे शरीर को कुछ अहम फैटी एसिड्स की जरूरत होती है, जो कि हमे किसी फल या सब्जी से नहीं मिल पाती है। ऐसे में इसके लिए सही तरह के तेल का सेवन जरूरी है पर साथ ही आपको ये भी समझना चाहिए कि हर तेल में एक खास फैटी एसिड होता है, ऐसे में अगर आप लंबे समय तक एक ही तेल का प्रयोग कर रहे हैं तो आप दूसरो तेल से मिलने वाले फैटी एसिड से वंचित रह जाते हैं।
ऐसे में जरूरी है कि कम से कम हर तीन माह में आप अपना कुकिंग ऑयल बदल दें या फिर आप हर रोज कम तीन तरह के तेल का प्रयोग करें। किसी भी ऑयल का अधिक सेवन ना करें। आप इसे ऐसे समझ सकते हैं कि सरसो का तेल आमतौर पर हर घर मे खाने के लिए अधिकतम इस्तेमाल में लाया जाता है, वैसे सरसो का तेल काफी पौष्टिक भी होता है। ये मोनोअनसैचुरेटेड होता है, ऐसे में इसमें कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल की मात्रा कम और विटामिन-ई अधिक होता है, ऐसे में ये शुगर और अस्थमा के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। पर वहीं अगर आप इसे तीन माह से अधिक प्रयोग में ला रहे हैं तो इसके चलते शरीर में यूरोसिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है, जो ट्राइग्लिसरॉइड के स्तर को भी बढ़ाता है। ऐसे में ये तत्त्व हार्ट की कोशिकाओं और फेफड़ों में जमकर नुकसान पहुंचाता है। इसलिए सरसों के तेल के अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए।
यही बात सोयाबीन के तेल के साथ भी होती है, वैसे तो सोयाबीन का तेल सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। ये कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और साथ ही ये ओमेगा-3,6 का बेहतर स्त्रोत है जो कि हृदय की सेहत के लिए लाभकारी है। पर वहीं ध्यान रखने वाली बात ये है कि सोयाबीन के ऑयल को डीप फाई कर इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल का स्तर गड़बड़ा सकता है। इसलिए इसका भी अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
Author: Yashodhara Virodai
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