Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
क्या आपके साथ भी ऐसा ही होता है कि आप सबके साथ अच्छा करते हैं और फिर भी लोग आपका मज़ाक उड़ाते हैं। आप तो लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं, लेकिन सब आपके साथ बुरा ही व्यवहार करते हैं तथा आप हमेशा सबका भला ही करते रहते हैं, लेकिन न जाने लोग आपके साथ हमेशा बुरा करते पर ही क्यों तुले रहते हैं। आपने तो कभी किसी का दिल नहीं दुखाया, लेकिन लोग आपका हमेशा दिल दुखाते हैं। एक बात और आप तो काफी बुद्धिमान हैं, फिर लोग आपको मूर्ख क्यों समझते हैं? लोग आख़िरकार आपकी क़दर क्यों नहीं करते हैं? इस बात का जवाब आज हम आपको बताने जा रहे हैं।
वास्तव में हर आदमी अपने-अपने हिसाब से ही तुम्हारा मूल्य तय करता है। जो जैसा है वह तुम्हें भी वैसा ही देख रहा है। जो व्यक्ति तुम्हें मूर्ख कह रहा है, वह स्वयं भी वैसा ही है। सच्चाई तो यह है कि चोर को सारी दुनिया चोर ही नज़र आती है। जी हाँ, यही सच है कि इस दुनिया में कोई भी किसी का मूल्य नहीं निर्धारित कर सकता है। तुम स्वयं ही अपना मूल्य निर्धारित कर सकते हो और अपनी असल क़ीमत तय कर सकते हो।
एक बात और समझने लायक है कि तुम अपने बारे में जैसा सोचोगे वास्तव में तुम वैसे ही बन जाओगो। इसलिए जो लोग अपनी इज़्ज़त करते हैं, दुनिया भी उनकी वैसी ही इज़्ज़त करती है। यदि आप अपनी इज़्ज़त स्वयं नहीं करोगे, तो फिर दुनिया भी आपकी कतई इज़्ज़त नहीं करने वाली है। इसलिए सबसे पहले आप अपनी क़दर को स्वयं समझें तो दुनिया ख़ुद ही आपकी क़दर करना शुरू कर देगी। वेदों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि दूसरे लोग तुम्हारे बारे में क्या राय रखते हैं। वेद में कहा गया है कि यथा दृष्टि, तथा सृष्टि। अर्थात् जैसी आपकी नज़र होगी, वैसा ही माहौल आपके आसपास बन जाएगा।
Author: Amit Rajpoot
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.