Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
बचपन में हम सभी सोचते थे कि काश कोई ऐसा पेड़ होता जहां हमें एक ही जगह पर सारे फल मिल जाते। लेकिन इस तरह की बातें किसी कहानी जैसी ही लगती थी। क्योंकि ऐसा होना ही असंभव है। लेकिन आज जितनी तेजी से टेक्नोलॉजी तरक्की कर रही है उसे देखकर लगता है कि इस दुनिया में आज कोई भी चीज नामुमकिन नहीं रह गई है। अब इस तरह का पेड़ भी तैयार किया जा चुका है जिसमें एक साथ 40 तरह के फल लगते हैं। इस पर यकीन करना तो मुश्किल है, लेकिन यह सच है।
आज तक हम ऐसे ही पेड़ देखते हैं जिन पर एक ही तरह के फल होते हैं, ऐसे में यह खबर थोड़ी हैरान करने वाली बेशक है। दरअसल, अमेरिका के एक विजुअल आर्टस के प्रोफेसर ने इस अनोखे पौधे को तैयार किया है। इस पर एक बार में 40 तरह के फल उगते हैं, दुनियाभर में यह 'ट्री ऑफ 40' के नाम से मशहूर है। इस पर चेरी, बेर, सतालू, खुबानी और नेक्टाराइन जैसे कई फल लगते हैं।
यह पेड़ अपनी खूबियों और फलों की मिठास से लोगों का दिल तो खूब जीत रहा है, लेकिन अपनी कीमत से उतने ही इसने सभी के होश भी उड़ाए हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि 'ट्री ऑफ 40' की कीमत 19 लाख रुपए है। इस अद्भुत पेड़ को अमेरिका की सेराक्यूज यूनिवर्सिटी में विजुअल आर्ट्स के प्रोफेसर सैम वॉन ऐकेन ने तैयार किया है। इसे विकसित करने के लिए उन्होंने विज्ञान का सहारा लिया। उन्होंने 2008 में में न्यूयॉर्क राज्य कृषि प्रयोग के दौरान एक बगीचे में 200 तरह के बेर और खुबानी के पौधे देखे।
इसके बाद से उन्हें इस तरह का एक पौधा बनाने का ख्याल आया जिसमें एक साथ यह सभी फल लग सके। दरअसल, इस बगीचे को फंड की कमी के कारण बंद किया जा रहा था। इसमें कई ऐसे पौधे लगे हुए थे जो बहुत दुर्गम और प्राचीन प्रजातियों के थे। लेकिन प्रोफेसर वॉन का बचपन खेती-बाड़ी करते और देखते बीता है, इसलिए उनकी इसमें काफी दिलचस्पी थी। उन्होंने इस बगीचे को लीच पर लिया और ग्राफ्टिंग तकनीक से 'ट्री ऑफ 40' को तैयार किया।
क्या है ग्राफ्टिंग तकनीक:-
इस तकनीक के अंतर्गस एक सर्दियों के दिनों में एक पेड़ की टहनी को कली सहित काट लिया जाता है और इसे मुख्य पेड़ में छेद करके लगा दिया जाता है। अब जहां से जोड़ा गया है उस जगह पर पोषक तत्वों का लेप लगाकर पूरी सर्दी एक पट्टी बांधकर देते हैं। इसके बाद टहनी धीरे-धीरे मुख्य पेड़ के साथ जुड़ने लगती है और जब यह पूरी तरह इसके साथ जुड़ जाती है तो इसमें फल-फूल लगने लगते हैं।
'ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.