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लव स्टोरी, बॉलीवुड का सबसे पुराना और हिट फॉमूला है... हिंदी सिनेमा के फिल्ममेकर्स इस पर हीट फॉर्मूले के साथ कई ब्लाकबस्टर फिल्मों की सौगात दे चुके हैं। मुगलेआजम से लेकर हीर-रांझा, लैला मजून के कहानियों की बार अलग-अलग क्लेवर में पेश किया जा चुका है और आज के समय में इम्तियाज अली इस विधा के सबसे माहिर कलाकार हैं मशहूर फिल्ममेकर इम्तियाज अली, जिन्होने अपनी फिल्मों के प्यार की एक अलग परिभाषा गढ़ी है। यहां हम अलग इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इम्तियाज पुरानी ढर्रे से अलग आज के जमाने की लवस्टोरी पेश करते हैं।
पहले जहां हिंदी सिनेमा की प्रेम कहानियों में प्रेमी युगल के सामने सामाजिक विरोध की दीवार खड़ी रहती है, जिसे पार कर फिल्म के आखिर में उनका मिलन हो पाता था, वहीं इम्तियाज की फिल्मों में प्रेमियों के लिए बाहरी और सामाजिक दुश्वारियों से कहीं अधिक उनका अपना अर्तमन का द्वंद परेशान करता है। इस्तियाज के हीरो-हीरोइन की लव स्टोरी में उनका परिवार या कोई और विलेन नहीं बनता है, बल्कि इनकी लवस्टोरी में खुद प्रेमी-प्रेमिका की निजी राय और सोच के चलते दुरियां बंढ़ती हैं और फिर इन्ही दूरियों के साथ कहानी में ट्विस्ट आता है। आज इम्तियाज के जन्मदिन के मौके पर उनकी ऐसी ही कुछ फिल्मों की बात कर रहे हैं।
सोचा ना था
साल 2005 में आई फिल्म ‘सोचा ना था’ से इम्तियाज अली ने बतौर डायरेक्टर अपने फिल्मी पारी की शुरूआत की थी। ये फिल्म विशुद्ध रामोंटिक थी, पर अपने तरह ही की। दरअसल, इसमें हीरो-हिरोइन को पहली नजर में प्यार नहीं हुआ था, बल्कि साथ-साथ रहते हुए प्यार का एहसास होता है। शायद यही वजह था कि फिल्म का नाम ‘सोचा ना था’ रखा गया था। वैसे ये फिल्म दर्शको को काफी पसंद आई थी।
आहिस्ता आहिस्ता
फिल्म ‘सोचा ना था’ के साल भर बाद इम्तियाज की अगली फिल्म आहिस्ता आहिस्ता आई थी, जो कि एक लव ट्राएंगल थी। बाक्स ऑफिस से तो ये फिल्म कुछ खास कमाई नहीं कर पाई थी, पर दर्शको ने इस फिल्म को काफी पसंद किया था।
जब वी मेट
2007 में आई फिल्म जब वी मेट के जरिए तो इम्तियाज अली युवाओं के फेवरेट बन बैठे थे। फिल्म ने ना सिर्फ जमकर कमाई की थी, बल्कि कई अवार्ड्स भी जीते थें। करीना कपूर को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला था, जबकि इम्तियाज अली को बेस्ट डायलॉग राइटिंग का अवार्ड मिला था।
लव आजकल
साल 2009 में आई फिल्म लव आजकल इम्तियाज अली की बेहतरीन फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में दो पीढ़ियों के प्यार को दर्शाया गया था, कैसे पहले के जमाने में लोग प्यार के लिए कितने समर्पित होते हैं, जबकि आज के नौजवान प्यार और रिलेशनशिप को लेकर कन्फ्यूज नजर आते हैं। हालांकि प्यार अपने आप में इतना प्रबल भावना है जो कि सारे दुविधाओं के बावजूद अपने लिए रास्ता ढ़ूंढ़ ही लेता है। इस फिल्म में सेफ अली खान और दीपिका पादुकोण के बीच एक ऐसे ही नई प्रेम कहानी को दर्शाया गया था।
रॉकस्टार
साल 2011 में आई फिल्म रॉकस्टार एक म्यूजिकल ड्रामा फिल्म थी, जो कि एक युवा के संगीत के प्रति दीवानगी और प्यार के जुनून की कहानी थी।
तमाशा
साल 2015 में आई फिल्म तमाशा भी इम्तियाज अली की विशुद्ध लव ड्रामा फिल्म थी, जिसमें उन्होने आज की युवाओं की प्रेम और जीवन के प्रति नजरिए को बयां किया था।
लैला मजनू
वहीं साल 2018 में फिल्म लैला मजनू के जरिए इम्तियाज ने आज के समय के परिपेक्ष्य में लैला मजनू के किरदारों को पेश करने की कोशिश की थी।
Author: Yashodhara Virodai
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