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आज के समय में जहां दहेज के चलते दुल्हनों मौत के घाट उतार दी जाती हैं, जरा-जरा सी बात पर लोग अपने रिश्ते को तोड़ने को तैयार हो जाते हैं, वहीं इसी जमाने में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो रिश्ते की मर्यादा समझते हैं और सभी दुख-परेशानियां से परे जाकर अपने जीवनसाथी का साथ निभाने की चाह रखते हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसे ही युवक के साहसी कदम की तारीफे हो रही हैं, जिसने अपनी होने वाली दुल्हन का साथ तभी भी नहीं छोड़ा जब उसने हादसे में अपने दोनों पैर और हाथ गंवा दिएं।
जी हां, गुजरात के जामनगर के युवक चिराग गज्जर ने कुछ ऐसा ही सराहनीय फैसला लिया है, जिसक चलते वो इन दिनों सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ चुके हैं। दरअसल, इसी साल मार्च के महीने में चिराग की सगाई जामनगर में रहने वाली हीरल से हुई थी। हीरल और चिराग की 28 मार्च को पूरे सामाजिक रीति रिवाज के साथ मंगनी हुई थी। जिसके बाद दोनो घरों में शादी की तैयारियां चल रही थी, पर इसी बीच 11 मई को हीरल के साथ एक बड़ा हादसा हो गया। दरअसल, हीरल दिन के समय में कपड़े सुखाने खिड़की के पास पहुंची तो उसके हाथ वहां मौजूद हाईटेंशन तार पर गिर गया, जिसके उसके हाथ और पैर बुरी तरह से से झुलस गएं।
इसके बाद परिजनो ने तुरंत ही हीरल को जमनगर के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया गया। अहमदाबाद के डॉक्टरों ने परिजनो को बताया कि हीरल की जान बचाने के लिए उसका दायां हाथ और दोनों पैर काटने पड़ेंगे और फिर परिजनो की सहमति से हीरल का दायां हाथ और दोनो पैर घुटने पैर काट दिया गए। जिसके बाद हीरल खतरे से बहर आ गई और फिलहाल उसकी हालत में काफी सुधार आ गया है।
लेकिन असल कहानी तो अब बननी थी, दरअसल हादसे के बाद हीरल के माता-पिता ने उसके मंगेतर चिराग को दूसरी लड़की से शादी करने के लिए कहा तो चिराग ने ये कहते हुए साफ मना कर दिया कि ऐसा हादसा उसके साथ भी हो सकता था। चिराग ने कहा कि वो अभी भी अपना जीवन हीरल के साथ ही बिताना चाहता है। यहीं नहीं चिराग ने हास्पिटल में भी हीरल का पूरा साथ दिया और उसकी देख भाल की। ऐसे में चिराग और हीरल की ये कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है और लोग चिराग के इस कदम की काफी सराहना कर रहे हैं।
Author: Yashodhara Virodai
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