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आज पूरी दुनिया योग के महत्व और लाभ को समझ चुकी है, जिसका परिणाम है 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय स्तर योग दिवस मनाया जाना। लेकिन योग के महत्व के साथ ही ज्यादातर लोग के मन में योग के सम्बंध में कई तरह की आशंकाएं और भ्रम की स्थिति भी बनी हुई है, जिसके कारण लोग इसका पूरा लाभ नहीं उठा पाते हैं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ मिथ्यों और उसके सच से रूबरू कराने जा रहे हैं, ताकि आप योग के सही अभ्यास के जरिए आरोग्य शरीर का लआभ उठा सकें।
योग सुबह-शाम किया जाने वाला एक व्यायाम है
जी हां, कुछ लोग को सिर्फ एक व्यायाम मान कर इसका बेहद औपचारिक ढंग से पालन करते हैं, जबकि वास्तव में योग सिर्फ एक व्यायाम की प्रक्रिया नहीं बल्कि ये स्वस्थ जीवन जीने की एक कला है। इसका अभ्यास सिर्फ सुबह-शाम एक निश्चित अवधि में ही नहीं होना चाहिए, बल्कि योग तो अपने आपके जीवन में समाहित होना चाहिए, सांसो के सही रिद्म से लेकर ये आपके सोचने और जीवन के प्रति नजरिए में बदलाव लाता है। इसलिए योग को सिर्फ सुबह-शाम किया जाने वाला एक व्यायाम समझ कर इसके वृहद लाभ से ना वंचित रहे हैं।
किताबो से सीखा जा सकता है योग
आजकल योग से सम्बंधित कई तरह की किताबे मार्केट में आ चुकी हैं और बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो इन किताबों से सीख कर योग का अभ्यास करने की कोशिश करते हैं। जबकि वास्तव में योग की विधा किताबी ज्ञान से नहीं सीखी जा सकती है। आपको किसी विशेषज्ञ और प्रशिक्षित योग गुरू के निरिक्षण में ही इसका अभ्यास करना चाहिए, क्योंकि इसकी बारिकियां और व्यवहारिक ज्ञान आपको उन्ही से मिल सकता है। वहीं योग में कई सारी जटील प्रक्रियाएं भी होती हैं, जिनका अभ्यास विशेष तौर पर किसी गुरू के निर्देशन में ही होना चाहिए।
संगीत के साथ योग का अभ्यास
आजकल योग सेंटर में संगीत के साथ योग के अभ्यास कराया जाता है, जो कि काफी हद तक गलत है। असल में, योग में आपको ध्यान केंद्रित करना होता है, जबकि संगीत के चलते आपका ध्यान विचलित होता है। ऐसे में बेहतर होगा कि बिना संगीत के ही योग का अभ्यास किया जाए।
योग हिंदू धर्म का कर्मकांड है
जी हां, योग से जुड़ा सबसे बड़ा मिथ तो यही है कि ये योग हिंदू धर्म का कर्मकांड है, ऐसे में दूसरे धर्म सम्प्रदाय के लोग इसे करने से बचते हैं जो कि सिर्फ एक वहम है। असल में, योग किसी धर्म विशेष से नहीं जुड़ा है बल्कि ये तो सही जीवन जीने की कला है, जिसका अभ्यास सभी लोगों के लिए लाभकारी है।
Author: Yashodhara Virodai
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