Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
जी हां, योग के मामले में आज भारत विश्वगुरू बन चुका है... आज पूरी दुनिया योग के महत्व और लाभ को समझ चुकी है, जिसका बानगी है 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय स्तर योग दिवस मनाया जाना। वैसे आमतौर पर आज जब हम योगगुरू की बात करते हैं तो सबसे पहले हमारे जेहन में बाबा रामदेव का नाम आता है, क्योंकि बाबा रामदेव ने बड़े स्तर पर योग का प्रचार-प्रसार किया है। हालांकि देखा जाए तो बाबा रामदेव से पहले भी हमारे देश में ऐसे कई योगगुरू रह चुके हैं, जिन्होने जटील साधना से इतर आम जनजवीन के लिए योग का महत्व बताया है। आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भारत के कुछ ऐसे ही योगगुरुओं की बात कर रहे हैं जिन्होंने दुनिया को योग का पाठ सिखाया है।
महर्षि पतंजलि
जी हां, वैसे तो हिंदू मान्यताओं के अनुसार योग इतिहास हजारों साल पुराना है, कुछ लोग भगवान शिव को पहला योग गुरू भी मानते हैं, लेकिन अगर धार्मिक मान्यताओं से इतर योग के विस्तार और प्रसार की बात की जाए तो इसका श्रेय महर्षि पतंजलि को जाता है। संगीतकार, गणितज्ञ और एक खगोलविद होने के साथ-साथ महर्षि पतंजलि योग के भी बड़े ज्ञाता था और उन्होने इसके महत्व को दूसरे ऋषियों और योग गुरुओं को भी समझाया। जिसके चलते ये योग का प्रसार हुआ।
तिरुमलाई कृष्णमचार्य
आयुर्वेद और योग दोनो दोनो स्वस्थ जीने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, एक में जहां विज्ञान निहित है, तो दूसरे में कला... और इन दोनो का महत्व लोगों को समझाया योगगुरू तिरुमलाई कृष्णमचार्य ने। तिरुमलाई कृष्णमचार्य को योग के साथ ही आयुर्वेद का भी अच्छा ज्ञान था, उनके पास जो भी व्यक्ति चिकित्सा के लिए आता था, वो उसे इन्ही दो माध्यमों के जरिए उपचार बताते थें। कृष्णमचार्य योग में इतने पारंगत थे कि वो अपनी धड़कनों पर भी काबू कर सकते थे, असल में उन्होंने हठ योग को पुनर्जीवित किया। मैसूर के महराजा के राज और नेतृत्व में कृष्णमचार्य ने देश भर में भ्रमण कर योग का प्रचार प्रसार किया था। ऐसे में कृष्णमचार्य को 'आधुनिक योग का पितामह' भी कहा जाता है।
परमहंस योगानंद
वहीं अगर विदेशों में और खासतौर पर पश्चिम में अगर योग के प्रचार प्रसार की बात की जाए तो इसका श्रेय परमहंस योगानंद को जाता है। परमहंस योगानंद ने पश्चिम के लोगों को योग क्रिया और इसके महत्व से परिचित कराया।
बीकेएस अयंगर
वहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योग के प्रचार प्रसार का श्रेय काफी कुछ बी के एस अंयगर को भी जाता है, जिन्होने 'अंयगर योग' के नाम के एक योग स्कूल के जरिए दुनिया को योग के प्रति जागरूक किया। ऐसे में साल 2004 में 'टाइम मैगजीन' ने बीकेएस अयंगर का नाम दुनिया के टॉप 100 प्रभावशाली लोगों में शुमार किया गया था।
Author: Yashodhara Virodai
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.