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पेड़-पौधे हमारे लिए बहुत जरूरी हैं। इनके बिना हम सांस भी नहीं ले सकते। इसी के साथ यह भी जरूरी हैं कि हमें अपने आस-पास पेड़ों के बारे में पूरी जानकारी भी हो। इसके लिए अक्सर हम बड़े-बुजुर्ग से पूछते हैं कि, "वह कौन सा पेड़ है?" या फिर "वह कितने साल पुराना होगा।" लेकिन अब इस तरह के कोई सवाल आपको किसी से पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल, हाल ही में केरल में देश का पहला डिजिटल गार्डन बनाया गया है। अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें ऐसा क्या डिजिटल किया है? तो आपको बता दें कि, यहां के सभी पेड़ों में एक QR कोड दिया गया है।
राजभवन में स्थित 21 एकड़ के क्षेत्र में फैले कनककुन्नु गार्डन में 126 प्रजातियों के पेड़ लगाए गए हैं, जिन्हें डिजिटल फॉर्मेंट दिया गया है। आप अपने स्मार्टफोन के जरिए इन पेड़ों पर लगे QR कोड को स्कैन कर उस पेड़ से जुड़ी सभी जानकारियां हासिल कर सकते हैं, जैसे उसकी प्रजाति, बॉटेनिकल नाम, उम्र, फल-फूल खिलने का मौसम और चिकित्सा। इस गार्डन में हजारों पेड़ लगे हुए हैं, लेकिन अभी केवल 600 पेड़ों पर ही QR कोड लगाया गया है। जबकि बाकी बचे पेड़ों पर भी काम जारी है।
यहां आए एक पोस्ट ग्रेजुएट बॉटनी के स्टूडेंट का कहना है कि, उन्होंने 50 से भी ज्यादा पेड़ों के बारे में जानकारी हासिल कर ली है। क्लासरूम या प्रयोगशाला में रहकर हम उतनी जानकारी नहीं हासिल कर सकते, जितनी हमें प्रकृति के बीच में आकर मिलती है। आमतौर पर हम इन पेड़ों को देखकर कुछ भी अंदाजा नहीं लगा सकते, लेकिन QR कोड की वजह से यह सब आसान हो गया है।
वहीं दूसरी ओर एक अन्य छात्र सजी वर्गीस का कहना है कि, अमेरिका और जापान जैसे देशों में पेड़ों पर QR कोड या माइक्रो चिप लगाना एक जरूरी चीज मानी जाती है।
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