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आज की दौड़भाग भरी लाइफ स्टाइल का सबसे नकारात्मक असर पड़ा है हमारी नींद पर। आज के समय में ज्यादातर लोग समय से नहीं सो पातें हैं और ना ही पूरी नींद ले पाते हैं। ऐसे में इसके चलते हमारी सेहत भी काफी हद प्रभावित हो चली है। लेकिन एक हालिया शोध ने नींद और सेहत के सम्बंध में जो खुलासा किया है, वो तो और भी चिंता जनक है। जी हां, इस शोध में कहा गया है कि कम सोना फर्टिलिटी के लिए सीधे तौर पर घातक है। चलिए आपको इस शोध के बारे में जरा विस्तार से बताते हैं कि कैसे नींद की कमी प्रजनन क्षमता पर खतरनाक असर डालती है।
दरअसल, नीदरलैंड के आरहूस यूनिवर्सिटी में हुए इस शोध की माने तो नींद का पूरा ना होना पुरुषों की प्रजनन क्षमता को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है। इससे पुरुषों के शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता को नुकसान पहुंचता है।
असल में इस शोध के लिए 34 से 36 साल के बीच के 104 पुरुषों को शामिल किया गया और फिर उनके सोने के पैटर्न और शुक्राणुओं का विश्लेषण किया। ऐसे में इस शोध में निश्कर्ष के रूप में पाया गया कि जो लोग रात में तकरीबन दस बजे तक सो जाते हैं उनमें शुक्राणुओं की संख्या तुलनात्मक रूप में अधिक होती है, बजाए कि जो हर रात 11-12 बजे के बीच सोते हैं। वहीं जो लोग हर रोज छह घंटे से कम की नींद लेते हैं उनमें भी शुक्राणुओं की संख्या कम पाई गई।
असल में, इस रिसर्च के शोधकर्ताओं का कहना है कि कम नींद लेने से व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म को नुकसान पहुंचता है, जिससे उसकी फर्टिलिटी भी प्रभावित होती है और शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
Author: Yashodhara Virodai
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