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वैसे तो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के पास वक्त की किल्लत रहती है, इस मशीनरी लाइफ स्टाइल में लोगों के पास सांस लेने तक की फुर्सत नहीं बची है। ऐसे में शौक पूरा करने की तो बात ही नहीं की जा सकती, पर एक हकीकत ये भी है कि इसी 24 घंटे में कुछ लोग बहुत कुछ कर जाते हैं। ऐसे में आप कम से कम अपने लिए तो कुछ वक्त जरूर निकाल सकते हैं। खासकर आपको हर रोज अपनी बिजी लाइफ रूटिन से कुछ समय बुक रीडिंग के लिए जरूर निकालनी चाहिए, क्योंकि ये आपके व्यक्तित्व विकास के लिए काफी फायदेमंद होती है। आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं कि बुक रीडिंग आपके लिए कैसे फायदेमंद साबित हो सकती है।
अभिव्यक्ति कुशलता बढ़ती है
कई ऐसे लोग होते हैं, जिन्हें अपनी बात दूसरों के सामने रखने के लिए उचित शब्द ही नहीं मिल पाते हैं और वो चाहकर भी अपनी बात कह नहीं पाते हैं। ऐसे लोगों के लिए बुक रीडिंग बेहतर साबित हो सकती है। दरअसल, किताबों के अध्ययन के जरिए आपका शब्दकोष बढ़ता है और आप अपनी बात बेहतर तरीके से रख पाते हैं।
समय काल और परिवेश का ज्ञान
एक इंसान चाहे भी तो पूरी दुनिया घूमकर उसके भूत-भूगोल और वर्तमान की सही जानतारी नहीं पा सकता, ऐसे में किताबें काफी उपयोगी होती हैं। इससे आप किसी भी काल विशेष के बारे में जानकारी पा सकते हैं।
वैचारिक समझ बढ़ती है
वैचारिक समझ बढ़ने के लिए जरूरी है कि आप दूसरों की सोच समझ और नजरिएं को भी जाने और इसके लिए किताबों से अच्छा की विकल्प नहीं हो सकता है। किताब के जरिए आप ना सिर्फ उस लेखक विशेष की सोच तक पहुंच पाते हैं बल्कि किताबों के किरदारों के जरिए आप मानवीय संवेदनाओं को और अच्छे से जान पाते हैं।
एकाग्रता बढ़ती है
जी हां, बुक रीडिंग से एकाग्रता भी काफी हद तक बढ़ती है, दरअसल जब आप किसी रोचक उपन्याय, कहानी या किसी लेख को पढ़ रहे होते हैं, तो उस दौरान आपका ध्यान बाकी बातों से हटकर उस पर टिक जाता है और ये एक तरह से एकाग्रता का ही अभ्यास है।
Author: Yashodhara Virodai
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