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26 जून को हर साल अंतर्राष्ट्री नशा निषेध दिवस (इंटरनेशनल डे अगेंस्ट ड्रग अब्यूस एंड इलिसिट ट्रैफिकिंग) मनाया जाता है। ये दिन लोगों को नशे से दूर रहने, नशे से मुक्त कराने और नशे के प्रति जागरूक रहने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसकी स्थापना साल 1987 में संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से की गई थी। हर साल की तरह इस साल भी कुछ नए आंकड़े सामने आए और इन आंकड़ों एक बार फिर रूह को झंकझोर दिया।
नशीले पदार्थों के सेवन और उसकी समस्या पर राष्ट्रीय सर्वेक्षण की रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में सामने आया है कि नशे के शिकार लोगों की सबसे ज्यादा संख्या अब उत्तर प्रदेश में हैं।
जी हां, नशे की समस्या पर आधारित फिल्म उड़ता पंजाब तो आपने देखी होगी, लेकिन अब लगता है उड़ता पंजाब नहीं बल्कि इसका पार्ट 2 बनेगी उड़ता ‘उत्तर प्रदेश’।
आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश के आंकड़े-
बात आंकड़ों की करें तो पूरे देश में जितने लोग गांजे की लत के शिकार है उनमें से केवल 38 फीसदी हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश से है।
देश में करीब 73 लाख लोग गांजे और भांग की लत के शिकार है, इसमें से 28 लाख लोग उत्तर प्रदेश से हैं।
वहीं, अफीम और हिरोइन जैसे नशे से बुरी तरह पीड़ित 77 लाख लोग हैं, जिनमें से 11 लाख लोग उत्तर प्रदेश के हैं।
उत्तर प्रदेश में 1 लाख बच्चे व युवा सूंघने वाले नशे करने के आदि हैं।
20 लाख लोग नशीली दवाइयों जैसे नींद की गोलियां, कोडीन सल्फेट युक्त सिरप व सेडटिव ड्रग्स आदि का सेवन करते हैं।
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