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पहाड़ी इलाकों से अक्सर लैंड स्लाइड खबरें मीडिया में आती रहती हैं। यहां के लोगों के लिए बेशक ऐसा होना कोई बड़ी बात नहीं है, बल्कि बाहर से आने वाले लोगों को भी अब इस तरह की खबरें सुनने की आदत पड़ गई होगी। इसकी वजह से कई बार लोग हादसों के भी शिकार हो जाते हैं। खासतौर पर बारिश के मौसम में यहां होने वाली लैंड स्लाइडिंग लोगों को काफी नुकसान पहुंचाती है। इसे रोकने के लिए किसी के पास कोई उपाय नहीं है, लेकिन फिर भी लोग इस तरह की जगहों में घूमना बेहद पसंद करते हैं।
हालांकि हाल ही में हिमाचल प्रदेश में इससे निपटने के लिए एक नई योजना तैयार की है। ताकि लोगों को लोगों को लैंड स्लाइड के खतरे से सुरक्षित रखा जा सके। दरअसल, इसके लिए यहां की सड़कों पर सेंसर लगा दिए गए हैं। जैसे ही यहां लैंड स्लाइड होने लगेगी को सभी सेंसर एक्टिव हो जाएंगे और तेजी से सायरन बजने लगेगा। कहा जा रहा है कि ये सेंसर ट्रैफिक लाइट के साथ जोड़े गए हैं।
जैसे ही खतरा दिखाई देगा वैसे ही यहां रेड लाइट जल जाएगी और ट्रैफिक खुद ही रुक जाएगा। फिलहाल पूरे हिमाचल प्रदेश में यह सुविधा नहीं दी गई हैं। लेकिन अभी पहले दौर के लिए यहां की सबसे सेंसिटिव 3 सड़कों पर 20 जगह रेड लाइट और सेंसर लगाए गए हैं। इसके अलावा इन सड़कों पर होर्डिंग्स भी लगाए गए हैं, जिससे कि वहां से गुजरने वाले लोगों को अलर्ट किया जा सके।
गौरतलब है कि, इस सेंसर को आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया है। इसे जिला प्रशासन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग के के साथ-साथ आईआईटी के कंट्रोल रूम से भी जोड़ा गया है। आपको बता दें कि, हिमाचल प्रदेश पहला ऐसा राज्य है जहां पर इस तरह के सेंसर को तैयार किया गया है।
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