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21वीं सदी को अगर सेल्फी युग के नाम से जाना जाए तो ये गलत नहीं होगा, आज के समय में सेल्फी का क्रेज जिस तरह से लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है वो जग जाहिर है। बच्चों से लेकर युवा इसके पीछे पागल हो चुके हैं और इसके पीछे काफी हद तक सोशल मीडिया भी जिम्मेदार हैं। लोग सोशल मीडिया पर अच्छी सेल्फी पोस्ट करने के चक्कर में बड़े से बड़ा रिस्क लेने में भी नहीं चूक रहे हैं। ऐसे में कई बार ऐसे रिस्क के चक्कर में जान पर बात आन पड़ती है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में सेल्फी के कारण होने वाली मौत के आकड़ों ने दुनिया को चौंकाया दिया है।
दरअसल, जर्नल ऑफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर में प्रकाशित रिपोर्ट की माने तो शार्क की अटैक से 5 गुना घातक बन चुकी है सेल्फी की दिवानगी। सेल्फी के चक्कर में पिछले 6 सालों में (2011 से 2017) तक 259 लोगों की मौत हो चुकी है और उसमें से 159 मौतें सिर्फ भारत में हुई हैं। वहीं भारत के बाद सेल्फी के कारण होने वाली मौत के मामले में रूस, अमेरिका और पाकिस्तान जैसे देशें का नंबर आता है।
बात करें भारत में सेल्फी के कारण होने वाली मौत की तो यहां ज्यादातर मौतें सेल्फी के चक्कर में झील, नदी या समुद्र में डूबने के कारण हुईं हैं। वहीं इसके अलावा चलती ट्रेन के सामने और खतरनाक जानवरों के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में लोगों की जाने गई हैं।
वहीं विदेशों में लोगों ने ऊंची इमारतों और जंगली जानवरों के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में अपनी जान गवी हैं।
वहीं इस शोध में ये भी सामने आया है कि सेल्फी के चक्कर में जान गवाने वालों में 50% लोग 20 से 29 साल के थे। जबकि इसमें 72% पुरुष और बाकी महिलाएं थीं। वैसे भारत में 80 करोड़ से अधिक लोग स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में सेल्फी लेने के कारण होने वाले मौत के आकड़ें इस रिपोर्ट में बताएं गए 159 से भी अधिक हो सकते हैं। ऐसी कई घटनाए होती हैं, जो कि खबरो में नहीं आ पाती हैं।
Author: Yashodhara Virodai
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