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शेफ़ यानी कि आम और साधारण बोलचाल की भाषा में समझें तो बावर्ची की नौकरी को पहले उच्च सम्मान की नौकरी के नज़रिया से नहीं देखा जाता था, लेकिन अब इसके प्रति जो सबसे बड़ा बदलाव आया है वह इसके प्रति नज़रिया ही है। जी हाँ, आपको बता दें कि अब होटल और रेस्तरां उद्योग के विकास और विस्तार के साथ खाना पकाने में विशेषज्ञता वाले लोगों की बेजोड़ माँग बढ़ने से लोगों के नज़रिये में बुनियादी परिवर्तन देखने को मिला है। आज भारत में होटल प्रबंधन और आतिथ्य उद्योग के विकास के साथ शेफ़ की माँग धुँआधार बढ़ी है।
इंस्टीट्यूट ऑफ़ बेकरी एंड पेस्ट्री आर्ट के संस्थापक शेफ़ बालेन्द्र सिंह की मानें तो करियर के लिहाज से शेफ़ बनना एक बेहतरीन और स्पेशल अचीवमेंट होता है। इसलिए शेफ़ बनना वास्तव में एक अच्छा निर्णय है। होटल और रेस्तरां उद्योग के विकास और विस्तार के साथ खाना पकाने में विशेषज्ञता रखने वाले लोगों की माँग बेतहाशा बढ़ने से लोगों के नज़रिये में बुनियादी परिवर्तन देखने को मिला है। इसे अब एक नए और सम्मानजनक पेशे के रूप में देखा जाता है।
आपको बता दें कि इसके उम्मीदवार होटल और रेस्तरां के अलावा बार और नाइट क्लब के साथ-साथ फूड सर्विस सेंटर जैसी जगहों में भी जॉब बड़ी आसानी से पा सकते हैं। इसके अलावा आप अपना ख़ुद का भी फ़ूड सर्विस स्टोर खोल सकते हैं। कुल मिलाकर शेफ़ का कोर्स करने वाला कबी भी घर पर बेरोज़गार नहीं बैठ सकता है।
इसके कोर्स के लिए आप द होटल स्कूल, नई दिल्ली, डीपीएमआई, नई दिल्ली तथा लक्ष्य भारती इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंटरनेशनल होटल मैनेजमेंट जैसे संस्थानों में दाख़िला ले सकते हैं।
Author: Amit Rajpoot
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