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जहां एक तरफ भारत में दंगल फेम जायरा वसीम ने धर्म के नाम पर बॉलीवुड छोड़ने की बात कह दी है, तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान जैस कट्टपंथी देश में इन दिनो सड़को पर महिलाओं के आजादी का परचम लहरा रहा है। जी हां, यहां सैकड़ों महिलाए हर रोज सड़को पर सिर्फ इसलिए साइकिल की सवारी करती हैं कि वो अपनी आजाद हवा में सांस ले सकें। साइकिल पर उनकी उड़ान उन्हें सामाजिक बंदिशो को तोड़ने का एहसास कराती है।
वैसे इसके लिए इन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ता है। वैसे इसकी शुरूआत ही कट्टरपंथियों के विरोध से शुरू हुई है। दरअसल, जनवरी के महीने में पाकिस्तान के कराची शहर में पहली बार महिलाओं की साइकिल रैली आयोजित करने की नई परम्परा शुरू होने वाली थी। पर फिर वहां धार्मिक संगठनों की धमकियों के बाद वो रैली स्थगित करनी पड़ी। असल में धार्मिक संगठनों का कहना था कि ये रैली अश्लीलता फैलाएगी।
ऐसे में वो रैली तो स्थगित हो गई पर अब हर रविवार सुबह 6 बजे कराची के शहर में कई गलियों में महिलाएं साइकिल पर राउंड लगाती नजर आती हैं। दरअसल, धार्मिक संगठनों की धमकियों के बाद से महिलाओं ने अपनी आवाज बुलंद करने के लिए ये कदम उठाया है। जिसमें 30-40 लड़कियां और महिलाएं के 15 साइकलिंग ग्रुप बनाए गए हैं, जो कि गलियों में हर रविवार सुबह दो घंटे तक राउंड लगाती हैं और इस फिर इस तरह ये अपनी आजादी की खुशी मनाते हुए अपने-अपने घरों को लौट जाती हैं।
महिलाओं की इन साइकिल रैली के साथ हर सप्ताह पोलियो जागरुकता, रक्तदान शिविर और शिक्षा की अनिवार्यता जैसे जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
Author: Yashodhara Virodai
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