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हम जिस तरह से अपना जीवन जी रहे हैं, हमारे हृदय को सबसे ज्यादा नुकसान होता है. लोग अपने खान-पान और आदतों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते, जिस वजह से हमारे हृदय को नुकसान होता है।
बहुत ज्यादा देर तक बैठे रहने से रक्त संचार बाधित होता है. कई बार ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन खाने से हमारी नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है और हमारे हृदय पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।
लेकिन आप अगर योगा, प्राणायाम करते हैं तो इससे आप अपने हृदय को स्वस्थ रख सकते हैं और आपको दिल का दौरा पड़ने की संभावना भी कम हो जाती है. आज हम आपको नाड़ी शोधन प्राणायाम के बारे में बता रहे हैं, जो आपकी नसों में जमी गंदगी को साफ करता है, जिससे आपका ह्रदय स्वस्थ रहता है।
नाड़ी शोधन प्राणायाम करने से आपको सेहत संबंधी कई फायदे होते हैं. नाड़ी शोधन प्राणायाम करने के लिए आप सीधे बैठ जाएं. इस दौरान आपकी रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी होनी चाहिए और अब आप अपने दाएं हाथ को उठाकर इसके अंगूठे को दाईं नाक तथा अनामिका को बाईं नाक पर रखे. तर्जनी और मध्यमा उंगली को माथे पर या हथेलियों की ओर मोड़ लें।
कनिष्ठा उंगली को सीधा रखें. अब आप बाईं नाक से लंबी सांस लें और कुछ देर बाद बाईं नाक को बंद करके दाईं नाक से सांस को बाहर निकालें. ऐसी ही प्रक्रिया विपरीत क्रम में दोहराएं. ऐसा 10-15 मिनट करने से आपको बहुत फायदा होता है. अगर आप नाड़ी शोधन प्राणायाम करते हैं तो आपको हृदय और फेफड़ों से जुड़ी परेशानियां नहीं होती है।
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