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आम धारणा होती है कि ऑफिस में बॉस को सबसे ज्यादा तनाव होता है, इस वजह से वह अपना गुस्सा एम्पलॉयीज पर निकालता है। हालांकि, हाल ही में सामने आई ये स्टडी इस बात को सिरे से नकार देती है। जी हां, हाल ही में एक स्टडी सामने आई है, इस स्टडी में खुलासा हुआ है कि ऑफिस में एम्पलॉयीज को बॉस से भी ज्यादा स्ट्रेस होता है। जनरल ऑफ जेरोनटोलॉजी की एक रिपोर्ट के अनुसार जूनियर लेवल के कर्मचारी हमेशा अपने मैनेजर से ज्यादा टेंशन में रहते हैं।
आइए जानते है इस स्टडी के बारे में-
ये स्टडी में मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और एसेक्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों के दिनभर में अलग-अलग समय पर सलाइवा का सैंपल लिया और उसमें कोर्टिसोल लेवल की जांच की। आपको बता दें, कोर्टिसोल एक हार्मोन है जोकि तनाव यानी स्ट्रेस लेने के कारण बढ़ जाता है।
शोध में सामने आया कि सुबह के समय उनमें कोर्टिसोल लेवल ज्यादा पाया गया, रात के दौरान ये लेवल कम हो गया। इस शोध में ये भी पाया गया कि सीनियर कर्मचारी का कोर्टिसोल लेवल उतना हाई नहीं था, जितना हाई उनके जूनियर कर्मचारियों में था। इससे पता चला कि ऑफिस में जूनियर लेवल के कर्मचारियों में तनाव का स्तर ज्यादा होता है।
अब सवाल उठता है कि उनमें किस बात का स्ट्रेस होता है?
शोधकर्ताओं ने पाया कि जूनियर लेवल के कर्मचारियों की स्थिति बेहद खराब पाई गई है। एक उनकी सैलर बेहद कम होती है, और दूसरा उनसे काम उनकी सैलरी के दोगुने स्तर पर लिया जाता है। इन सब के अलावा स्थाई काम, आर्थिक रूप से स्टेबलिटी, भविष्य की चिंता इत्यादि बाते उनके अंदर से और ज्यादा स्ट्रेस में डालती हैं। कई बार काम में सीनियर्स की मदद न मिल पाने और काम को न कर पाने की नर्वसनेस, उन्हें तनाव महसूस कराती है।
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