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अक्सर लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंकों से लोन के रूप में कर्ज लेते हैं। लेकिन कई बार उनके हालात कुछ ऐसे हो जाते हैं कि वह समय पर अपनी किश्त नहीं भर पाते है। बस अपनी इस एक मजबूरी के कारण ग्राहक को बैंक की ओर काफी बुरा भला सुनना पड़ जाता है। आपने कई बार देखा होगा कि जिन लोगों पर बैंक का कर्ज होता है वह बार-बार उस शख्स को कॉल करके धमकियां देते रहते हैं, वहीं दूसरी ओर ग्राहक भी परेशान की उन्हें कुछ नहीं कह पाता। हालांकि कई वह उनकी बदतमीजी का जवाब भी देता है। लेकिन बहुत बार ऐसा भी होता है कि बैंक वसूली के अपने बाउंसर्स तक भेज देते हैं।
दरअसल हाल ही में एक नियम पर चर्चा करते हुए वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने बीते सोमवार को लोकसभा में बताया कि, कर्ज वसूली के बाउंसर को भेजना भारतीय रिजर्व बैंक के नियम के खिलाफ है। अनुराग ने कहा कि, RBI नें अपने नियमों में साफ-साफ लिखा है कि उपभोक्ताओं के प्रति बैंकों का बर्ताव हमेशा सम्मानजनक होना चाहिए, फिर चाहें वह आपके बैंक का कर्जदार ही क्यों न हो। इस नियम के मुताबिक कर्ज वसूलने के लिए बैंकों को लोगों की नियुक्ति के समय पुलिस वेरिफिकेशन करनी होती है।
इसके अलावा अपने बोर्ड के सदस्यों से भी स्वीकृति मांगनी पड़ती है। अनुराग का कहना है कि, इस काम के लिए बैंक भारी भरकम और ऊंची कद काठी वालेलोगों को बाउंसर के तौर पर नहीं रख सकते। बैंक कर्ज वसूलने के लिए उपभोक्ता को वक्त-बेवक्त फोन करके परेशान नहीं कर सकते, उन्हें डरा-धमका नहीं सकते और किसी भी तरह का दबाव बनाने के लिए बाउंसर्स का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि, अगर कोई भी बैंक RBI द्वारा जारी किए गए इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं कर्ज वसूली के लिए बाउंसर्स भेजने वाले बैंक को तय समय सीमा के लिए बंद तक किया जा सकता है। उन्होंने, इस बात का भी खुलासा किया कि इस मामले पर RBI के पास कई शिकायतें आई हैं, जिन पर अब सख्सी से जांच की जा रही है।
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