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जी हां, आजकल शहरों में अपार्टमेन्ट कल्चर काफी बढ़ चुका है... शहरों में जमीन की किल्लत और विकास की अंधाधुन दौड़ के चलते आज लोग अपार्टमेंट में रहने के लिए मजबूर हो चुके हैं। वैसे सुरक्षा और पैसों की दृष्टि से देखा जाए तो ये लोगो के लिए किफायती रहता है। पर वहीं अगर सेहत की दृष्टि से आप इस पर नजर डालेगें तो आप अपार्टमेन्ट कल्चर से शायद डर जाएं। दरअसल, एक हालिया शोध में ये बात सामने आई है कि अपार्टमेन्ट कल्चर के चलते लोगों में दूसरी बीमारियों के साथ शुगर और दिल के रोगों का खतरा बढ़ता है। चलिए आपको इस रिसर्च के बारे में जरा विस्तार से बताते हैं।
दरअसल, इस शोध में कहा गया है कि जो लोग बहुमंजिला इमारतों में रहते हैं, उनकी लाइफस्टाइल काफी बदल जाती है और नेचर से दूर हो जाते हैं। ऐसे में प्रदूषण का शिकार बनते हैं, ऐसे में ऐसे लोग अवसाद का जल्दी शिकार बन जाते हैं, साथ ही इनमें मेटाबोलिक सिंड्रोम का भी खतरा बना रहता है।
असल में बंद इमारतो में रहने के कारण लोगों की लाइफस्टाइल जिस तरह से प्रभावित हुई उसका सीधा असर उनके सेहत पर पड़ा है। ऐसे में लोगों ट्राइग्लिसराइड का लेवल काफी बढ़ जाता है और साथ ही लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल बेहद कम हो जाता है, जिसके चलते ये लोग डायबिटीज और मोटापे के शिकार होते हैं।
दरअसल, मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम दिल से जुड़ी बीमारियों को जन्म देते हैं। ऐसे में शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को ऐसी परेशानियों से बचे रहना है तो उन्हें अपार्टमेंट के आसपास ज्यादे से ज्यादा हरे पेड़ पौधे लगाने चाहिए, ताकि ये वायु प्रदूषण नियंत्रित करें और आप सेहतमंद रह सकें।
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