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अगर पूछा जाए कि सुंदरता और खूबसूरती में क्या अंतर होता है तो ये कह सकते हैं कि सुंदरता वो होती है कि जिसे देख आपके दिल को अच्छा लगता है और आप उसे देखते रहना पसंद करते हैं, वहीं खूबसूरती वो है, जिसमें इतना आकर्षण होता है कि उसे देख आप खुद पर काबू नहीं रख पाते हैं। ऐसी कातिलाना खूबसूरती के बहुत सारे चर्च आपने भी सुने होंगे और आज हम आपको हिंदी सिनेमा की एक ऐसी ही बेपनाह खूबसूरत अभिनेत्री के बार में बताने जा रहे हैं,जिसकी खूबसूरती को पर्दे में छुपाकर रखना पड़ता था। दरअसल, हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा की पहली फीमेल सुपरस्टार नसीम बानो की।
जी हां, वैसे तो हिंदी सिनेमा में ऐसी बहुत सारी अभिनेत्रिया रही हैं, जिनकी अदाकारी और खूबसूरती के चर्च रहे हैं, पर नसीम बानो को लेकर जो दीवानगी देखने को मिली थी, वो शायद ही किसी दूसरी अभिनेत्री के लिए हुई हो। असल में, नसीम बानों ब्यूटी क्वीन के नाम से जानी जाती थी और कहा जाता है कि वो इतनी खूबसूरत थी कि उन्हें हमेशा पर्दे में ही रखा जाता है। चलिए आपका परिचय नसीम बानो से करवाते हैं।
असल में, नसीम बानो 60-70 के दशक की लोकप्रिय अभिनेत्री सायरा बानो की मां थीं, जिनका जन्म 4 जुलाई 1916 को हुआ था। नसीम ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म खून का खून से की थी। वैसे इस फिल्मों में उनके आने का उनका किस्सा भी बेहद दिलचस्प है।
असल में, नसीम बानो की परवरिश बेहद शाही ढ़ग से हुई थी और उनकी खूबसूरती को देखते हुए आमतौर पर उन्हें पर्दें ही रखा जाता था। यहां तक कि वो स्कूल में पढ़ने के लिए भी पालकी से जाया करती थीं। ऐसे में हुआ ये था कि एक बार वो स्कूल की छुट्टियों में अपनी मां के साथ फिल्म सिल्वर किंग की शूटिंग देखने गई । तभी नसीम की खूबसूरती देख उन्हें वहां मौजूद फिल्ममेकर सोहराब मोदी ने उन्हें फिल्मों में काम करने का ऑफर दिया पर तभी उनकी मां ने नसीम को बच्ची कहकर उस प्रस्ताव का ठुकारा दिया था।
इसके बाद फिल्म खून का खून के अलावा नसीम बानो ने सोहराब मोदी के साथ कई फिल्में कीं।, जिनमें तलाक, मीठा जहर, बसंती जैसी फिल्में शामिल थींष। हालांकि उन्हें सबसे अधिक लोकप्रियता पुकार में नूर जहां के रोल के लिए मिला था।
नसीम बानो की शादी मियां अहसान-उल हक से हुई थी, जिसके साथ बंटवारे के समय दोनों पाकिस्तान चले गए। पर बाद में नसीम अपने दो बच्चों के साथ भारत वापस लौट आईं।
कहा जाता है कि उनकी बेटी सायरा बनो और दिलीप कुमार की शादी में उनकी बड़ी भूमिका थी। आपको बता दें कि नसीम ने 18 जून 2002 को 85 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।
Author: Yashodhara virodai
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