Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
विष्णु लाम्बा एक ऐसे नौजवान का नाम है जो कि समाज का रियल हीरो है। ये राजस्थान के टोंक ज़िले के लाम्बा गाँव के रहने वाले हैं। विष्णु लाम्बा के पिता इसी गाँव में एक मंदिर में महन्त हैं। इनकी माँ इन्हें बचपन से ही पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करती आयी हैं। यही कारम था कि विष्णु लाम्बा जब बड़े हुये तो यह पेड़-पौधों को लेकर काफी संवेदनशील हो गये। महज सात वर्ष की अवस्था में विष्णु लाम्बा ने अपने बाड़े में जमकर पेड़ लगाये थे। पेड़ लगाने का धीरे-धीरे विष्णु लाम्बा में जुनून सा हो गया।
चूँकि विष्णु लाम्बा के पास पौधे नहीं होते थे। इसलिए वह पौधों को चुरा लाते थे और इसके बाद लगाते थे, लेकिन ये हर हाल में पौधे लगे का काम करते थे। किसी का घर हो या खेत इन्हें कहीं भी पौधा मिले तो यह उसे चुरा लाते और फिर उसे अच्छे सो रोप देते। इनकी इस आदत से तंग आकरर इनके घरर वालों से एक दिन इन्हें घर से निकालकर विष्णु की बुआ के यहाँ ही इन्हें भेज दिया।
विष्णु लाम्बा अपनी बुआ के पास पहुँचे। वहाँ भी ये कुछ दिनों तक तो शान्त रहे, लेकिन फिर ये वहाँ भी पौधे चुराकर रोपने लग गये। ऐसे में इन्हें फिर बुआ के यहाँ से भगाया गया और अंत में इन्हें जयपुर इनके ताऊजी के पास भेज दिया गया। जयपुर आकर तो विष्णु लाम्बा और भी ज़्यादा रोमांचित हुये। यहाँ इन्हें और भी तरह-तरह के पेड़-पौधे देखने को मिले, जो काफ़ी ख़ूबसूरत थे। यहाँ भी ऐसे तमाम पौधों को चुराने के लिए विष्णु लाम्बा को इनके ताऊजी से मार खानी पड़ी। अंत में एक दिन इनका मन किया कि ये सन्यासी हो जायें, लेकिन फिर इन्होंने ऐसा नहीं किया।
तभी विष्णु लाम्बा के मन में एक विचार आया कि आज़ादी की लड़ाई में शामिल क्रान्तिकारियों के परिवारों की खोज की जाये और पौधारोपण के साथ उनका सम्मान किया जाये। इसके लिए विष्णु लाम्बा ने देश के 22 राज्यों में भ्रमण कर लगभग 56 से अधिक क्रन्तिकारियों के परिवारों को खोजा और तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से उनका सम्मान करवाया। इसी आयोजन में राष्ट्रपति ने विष्णु लाम्बा का नाम ट्री-मैन रख दिया।
दिलचस्प है कि विष्णु लाम्बा ने राजस्थान के चंबल से लेकर चित्रकूट तक फैले बीहड़ों की क़रीब दो साल तक छानबीन कर खाक छानी और पूर्व कुख्यात दस्युओं को अपनी मुहिम से जोड़ा। इतना ही नहीं ट्रीमैन ने इन सभी दस्युओं को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि विष्णु लाम्बा बिना सरकारी सहयोग के अब तक साढ़े आठ लाख पेड़ लगा चुके हैं। इसके अलाव इन्होंने दस लाख से अधिक पौधे निःशुल्क बाँटे। यक़ीनन विष्णु लाम्बा हमारे सबके लिए एक बहुत बड़े प्रेरणा हैं और पर्यावरण क्षेत्र में एक मिसाल।
देखें ट्री-मैन की अन्य तस्वीरेंः
Author: Amit Rajpoot
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop App, वो भी फ़्री में और कमाएँ ढेरों कैश आसानी से!
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.