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इंसान का शरीर कुछ इस तरह होता है कि हर किसी के बस की बात नहीं होती है इसको समझना। बता दें कि बच्चों में बड़े होने तक कई सारे बदलाव आ जाते हैं। इसी वजह से किसी के भी शरीर को समझना आसान नहीं होता है। बता दें कि बच्चों में किशोर अवस्था आने के लिए कई पड़ावों को पार करना पड़ता है। इसी दौरान बच्चों का ध्यान भी रखना होता है। इस बदलाव को कहते हैं puberty। एक खास उम्र जब शरीर में हर तरह के बदलाव आते हैं। इनको किसी भी तरह से रोका नहीं जा सकता है। इसके साथ ही इसमें शरीर से लेकर इमोशन में हर तरह से बदलाव आते हैं। हर किसी को इस उम्र के पड़ाव से होकर गुजरना पड़ता है।
इस समय में आने के लिए बच्चों को काफी टाइम लगता है। 14 से 15 साल के बीच बदलाव का एक पहाड़ टूटता है। मगर क्या आप जानते हैं कि बच्चों को 8-11 साल के बीच भी हो सकता है ये सब। इस स्थिती को कहते हैं ‘Precocious Puberty’। जानिये क्या होता है ये सब।
क्या होता है ये ‘Precocious Puberty’?
कुछ ही बच्चों को हो जाने वाली इस परेशानी से निपटना आसान नहीं है। इसीलिए इसको rare की सूची में डाला गया है। इतनी जल्दी प्यूबर्टी आने की उम्र 8 से 11 साल के बीच होती है। इस दौरान बच्चों के साथ इनके मां बाप पर भी काफी असर पड़ता है। इतन कम उम्र में प्यूबर्टी के आने से बच्चों के मानसिक संतुलन पर भी असर पड़ता है। इसी के साथ शरीर में भी उसी तरह से बदलव आते हैं जिस तरह से किसी और के शरीर में आते हैं। इस दौरान लड़को में testosterone और लड़कियों में oestrogen का स्तर बढ़ जाता है।
क्या होता है इस दौरान?
एक दम आम बच्चों की तरह से इस परेशानी में भी बच्चों के अंदर वो ही बदलाव आते हैं जैसे की वक्त पर होने वाले बदलाव में आती है। इस दौरान बच्चों की उम्र काफी छोटी होती है इसीलिए बच्चे ज्यादा परेशान हो जाते हैं। इस समय खासकर लड़कियों के स्तन में बदलाव आता है और वो बढ़ने लगता है। साथ ही माहवारी भी शुरु हो जाती है। बता दें कि इस दैरान लड़कों का गुप्तांग बड़ा हो जाता है और उनके चेहरे पर बाल उग आते हैं। इसी के साथ उनकी आवाज में बदलाव आता है। साथ ही चेहरे पर पिंपल, शरीर से दुर्गंध और बगलों में बाल आ जाते हैं। साथ ही हड्डियां भी बढ़ने लगती हैं और हाइट बढ़नी बंद हो जाती है।
क्यों होता है?
इसकी कई वजहें होती हैं। इनमें से एक जीन्स के कारण भी होता है। इसके अलावा अगर बच्चों को कोई दवाई दी जा रही हो जो उनकी उम्र के लिए ना हो। इस के साथ कोई भी ऐसा लोशन या फिर कोई क्रीम उनके शरीर पर लग रही हो। इस सबके अलावा कोई दिमागी बीमारी या फिर किसी तरह की चोट इस कगार पर लाकर खड़ा कर देती है। देखने वाली बात तो ये है कि इस बीमरी का शिकार लड़कियां ज्यादा होती हैं।
Anida Saifi
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