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जीपीएस और इंटरनेट के जमाने में अब किसी भी रास्ते के बारे में आपको आसानी से पता चल जाता है, लेकिन इससे पहले रास्तों और मंजिलो का पता लगाने के सड़क किनारे लगे मील के पत्थर ही लिए काफी थे... और आज हम इसी बारे में बात करने जा रहे हैं। दरअसल, अगर आपने गौर किया होगा तो देखा होगा कि अलग-अलग सड़को पर अलग-अलग रंग के पत्थर लगे रहते हैं और असल में मील के पत्थरों के ये रंग आपसे रास्ते और मंजिल के बारे में बहुत कुछ कह रहे होते हैं। क्या आप जानते हैं मील के पत्थरों के इन रंगो का मतलब... अगर नहीं तो चलिए अब जान लीजिए।
पीले रंग का मील का पत्थर
जी हां, आपको जिस रास्ते पर पीले रंग का पत्थर दिखे, तो समझ जाइएगा कि आप नेशनल हाईवे पर हैं, क्योंकि ऐसे पीले रंग वाले मील के पत्थर नेशनल हाईवे पर ही बनाए जाते हैं। इसका नटवर्क लगभग 1,65,000 किलोमीटर क्षेत्र में फैला है, जो कि जम्मू और कश्मीर से लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, एमपी, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिल नाडु जैसे राज्यों को जोड़ता है।
हरे रंग का मील का पत्थर
वहीं हरे रंगे के मील के पत्थरों का संकेत है कि आप स्टेट हाईवे पर हैं, जो कि राज्यों के सभी जिलों को आपस में जोड़ते हैं। आपको बता दे कि स्टेट हाइवे के देखरेख की जिम्मेदारी स्टेट गर्वनमैंट के हाथों में होती है।
नीले या काले रंग के मील के पत्थर
वहीं अगर किसी सड़क पर चलते हुए आपको नीले या काले रंग के मील के पत्थर दिखते हैं, तो आप समझ जाइए कि आप जिस सड़क पर चलर रहे हैं वो किसी बड़े शहर को ओर जा रही है। आपको बता दें कि ऐसी सड़कों की जिम्मेदारी जिला प्रसाशन की होती है।
नारंगी रंग का मील पत्थर
वहीं अगर किसी सड़क पर चलते हुए आपको नांरगी रंग के मील के पत्थर नजर आएं तो आप समझ जाइए कि आप आप किसी गांव में प्रवेश कर चुके हैं और वो सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई है।
Author: Yashodhara Virodai
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