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जी हां, वर्काहॉलिक... ये शब्द तो आपने सुना होगा और इसका मतलब भी जानते होंगें। वैसे आमतौर पर वर्काहॉलिक शब्द नाकारात्मक रूप में लिया जाता है। लेकिन असल देखा जाए तो काम का नशा आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है, बस आपको इसकी सीमा पता होनी चाहिए कब ये काम का नशा आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। आज हम आपको इसी बारे में बता रहे हैं कि काम का नशा किस हद तक किसी के लिए फायदेमंद या नुकसानदेह बन सकता है।
चलिए सबसे पहले आपको इसके फायदें बताते हैं...
असल में काम का नशा आपमें आपके काम के प्रति जुनून का ही एक रूप है। ऐसे में जाहिर है कि अगर आपमें काम का नशा है तो आप अपने काम के लिए जुनून रखते हैं और ये जुनून और समर्पण आपकी प्रोफेशनल लाइफ के लिए बेहतर साबित होती है। इसके चलते आप अपने काम को सही समय पर और सही रूप में अंजाम देते हैं।
काम का नशा आपको बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है और आप अपने काम की दिशा में अपने लिए एक बेहतर लक्ष्य निर्धारित करते हैं और फिर उस पर चलने की कोशिश करते हैं।
जब काम का नशा आपके लिए नुकसानदेह बन जाता है
दरअसल, जब आप अपने काम के चलते अपनी निजी जिंदगी को महत्व देना छोड़ देते हैं तब ये आपके लिए नुकसानदेह बन जाता है, क्योंकि इससे आपकी निजी जिंदगी प्रभावित हो रही है। अगर आप अपने काम के चलते अपने प्रियजनों को समय नहीं दे पा रहे हैं तो ये गलत है।
अगर आपको हर वक्त काम का ख्याल आता है तो ये गलत है। क्योंकि ऑफिस के अलावा आपकी एक निजी जिंदगी होती है और हर व्यक्ति को अपनी ये निजी जिंदगी भी इंज्वॉय करनी चाहिए। क्योंकि अगर आप अपकी निजी जिंदगी प्रभावित होती है, तो फिर इससे आपकी सेहत पर भी गलत असर पड़ सकता है और ऐसे में कहीं ना कहीं आपके काम पर भी असर पड़ेगा।
ऐसे में ये आपको तय करना है कि आपको अपने काम को किस हद तक तरजीह देनी है और किस हद तक अपने रिश्ते और अपनी निजी जिंदगी को।
Author: Yashodhara Virodai
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