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हर मां-बाप चाहते हैं कि उनका बच्चा अपने जीवन में सफल और कामयाब बन सके और इसके लिए अपनी तरफ से हर सम्भव कोशिश करते हैं। पर फिर भी कई बार चीजें सही ढंगे से नहीं जाती हैं और पैरेंट्स को अपने बच्चे को मुसीबत में देख बुरा लगता है। असल में, लोग बच्चें को सिर्फ कामयाब बनाने की कोशिश करते हैं, जबकि वास्तव में जरूरी है कि बच्चों को सफल होनी की सीख देने से पहले आप उसे एक बेहतर इंसान बनाने की कोशिश करें, क्योंकि बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए ये बेहद जरूरी है। आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं कि स्पिरिचुअल पैरेंटिंग के जरिए आप किस तरह से बच्चे का सर्वांगीण विकास कर सकते हैं।
गर्भावस्था से करें इसकी पहल
जी हां, स्पिरिचुअल पैरेंटिंग की शुरूआत असल में मां के गर्भ से होती है, क्योंकि सिर्फ धार्मिक मान्यताओं में ही नहीं विज्ञान में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है मां के मनोस्थिति का असर उसके गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। ऐसे में इसके लिए गर्भावस्था में मां को अपने अचार-व्यवहार को बेहतर रखना जरूरी है। इसके लिए आप गर्भावस्था के दौरान आपको अच्छी से किताबें पढ़नी चाहिए, अच्छा म्यूजिक सुनना चाहिए और जितना हो सके क्वालिटी टाइम बिताना चाहिए।
बच्चें को समझाने से पहले खुद को बदलें
ये कहावत तो आपने कई बार सुनी होगी कि बच्चे कच्ची मिट्टी के घड़े के समान होते हैं, ऐसे में आप उन्हे जैसा आकार देते हैं वो वैसे ही ढ़ल जाते हैं। इसलिए बच्चे में अच्छे संस्कारों के विकास के लिए जरूरी है कि आप खुद में ऐस गुणों को विकसित करें। असल में बच्चें बड़ो का ही अनुसरण करते है। इसलिए सच्चाई, ईमानदारी, दूसरों के प्रति दयालुता जैसी बाते अपने व्यवहार में रखें ताकि आपका बच्चा भी इनका अनुसरण कर सके।
अपने बच्चे की खासियत को पहचाने और उसके अनुसार उसे प्रोत्साहित करें
हर बच्चे में कोई ना कोई खासियत होती है और ये मां-बाप का फर्ज होता है कि वो अपने बच्चे की ये खासियत पहचाने और उसे उसके अनुसार प्रोत्साहित करे। ये बच्चे के व्यवहार के साथ ही उसके करियर के लिए भी बेहतर होता है। जैसे कि अगर आपका बच्चा पढ़ाई में कुछ खास अच्छा नहीं है, पर वहीं वो खेल कूद में अच्छा कर लेता है, तो ये आपका फर्ज है कि आप उस पर पढ़ाई का अतिरिक्त बोझ ना डालें बल्कि स्पोर्ट्स स्प्रिट को समझते हुए उसे प्रोत्साहित करें। हो सकता है कि आगे चलकर वो स्पोर्ट्स के क्षेत्र में बेहतर कर जाए।
Author: Yashodhara Virodai
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