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दुनिया में रंग भेद से लड़ने और इसी के साथ अश्वेतों को उनका हक दिलाने वालों के लिए किसी भगवान से कम नहीं थे नेल्सन मंडेला। बता दें कि हर साल 18 जुलाई को दुनिया के कई हिस्सों में नेल्सन मंडेला डे मनाया जाता है। इसका खास वजह ये भी है कि इस दिन मनडेला का जन्मदिन होता है। इसी के साथ ही 18 जुलाई को इस महान लीडर को सम्मान देने के लिए भी उनका जन्मदिन मनाया जाता है। बात दें कि भारत देश से भी नेल्सन मंडेला को कई सम्मान मिल चुके हैं। जिसमें सबसे पहले आता है भारत रत्न से है।
जानियो कौन थे नेल्सन मंडेला
अफ्रिका का सबसे पहले अश्वेत राष्ट्रपति थे। अफ्रिका में रह कर वहां के लोगों के लिए क्रांती लेकर आए था। इसी के साथ अफ्रिका नेशनल कांग्रेस का निर्माण किया था। इतना ही नहीं 1994 से 1999 तक अफ्रिका पर राज भी किया। इसी के साथ साल 2013 में उनकी मृत्यू हो गयी थी। इनको अफ्रिका का पहला प्रेसिडेंट भी हा जाता है।
पढ़ाई करते समय यूथ विंग की खोज की थी। इसके बाद काफी आंदोलन का भी हिस्सी रहे। 1943 में कानून की पढ़ाई करते हुए यूथ विंग की नीव रखी थी। साल 1948 तक सिर्फ श्वेत लोगों को वोट देने की आजादी थी। अफ्रिका जैसे देश में भी उनका ही राज चलता था। अफ्रिकन नेशनल कांग्रेस के यूथ विंग पार्टी के executive committee के मेंबर थे। साल 1949 आते आते काफी बदलाव हो गये थे। बता दें कि इसी बीच Herenigde Nasionale Party जो Daniel François Malan चलाते थे। इस खास पार्टी ने सब लोगों पर कब्जा कर लिया था। इसको कारगर तरीके से करने के लिए देश में बंद और स्ट्राईक की गयी।
साल 1950 आते ही गांधी जी से मुलाकात के बाद देश में नयी क्रंती आई थी। साल 1953 में कई तरह के बिल आ चुके थे। इसी साल तक 1957 तक देश को अंग्रेजी शासन से मुक्त करा दिया था। बता दें कि इसी बीच कई बार नेल्सन मंडेला जेल भी जा चुके थे।मगर अपनी धर्ती को दूकरे देश के चंगुल से आजाद करा ही लिया था।
Anida Saifi
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