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अरुण कृष्णमूर्ति एक भारतीय पर्यावरण कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने पूरे भारत में विभिन्न झीलों की सफाई के अभियान की शुरुआत की है। उन्हें 2007 में चेन्नई स्थित एनजीओ एनवायरमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया यानी कि ईएफ़आई की स्थापना के लिए जाना जाता है, जिसकी हैदराबाद, दिल्ली और कोयंबटूर जैसे अन्य शहरों में कई शाखाएं हैं। आपको बता दें कि अरुण कृष्णमूर्ति ने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद ये नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान से स्नात्कोत्तर डिप्लोमा पूरा किया। अरुण कृष्णमूर्ति मूलरूप से तमिलनाडु में चन्नई से 29 किमी. दूर मुदिचुर गाँव के रहने वाले हैं, जहाँ इनका बचपन बीता।
चूँकि अरुण कृष्णमूर्ति की जल संरक्षण और पर्यावरण में बचपन से ही रुचि थी, लिहाजा इन्होंने पढ़ाई और फिर नौकरी के दौरान भी अपने स्तर से पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए अनेक कार्यों में संलिप्त रहा करते थे। लेकिन धीरे-धीरे जब झीलों और तालाबों की स्थित बेकार होती गयी तो अरुण कृष्णमूर्ति से रहा नहीं गया और इन्होंने फुल टाइम पर्यावरण संरक्षण को देने का फ़ैसला किया। लिहाजा इन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया और 2007 में इन्होंने एनवायरमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया यानी कि ईएफ़आई की स्थापना कर दी।
एनवायरमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से अरुण कृष्णमूर्ति ने स्कूल और कॉलेज जाकर लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरुक करने का काम किया। यहाँ इन्होंने स्वयंसेवक भी तैयार किये, जिन्हें ट्रेनिंग भी दी गयी।
इसके सहारे अरुण कृष्णमूर्ति ने तमिलनाडु के अलावा केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुदुचेरी और गुजरात में जल संरक्षण के अनुकूल कई सारे काम किये। इसी का परिणाम है कि अरुण कृष्णमूर्ति अब तक 39 झीलों और 49 तालाबों का पुनरुद्धार कर चुके हैं। यक़ीनन अरुण कृष्णमूर्ति का ये प्रयास अन्य लोगों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है और जल संरक्षण के क्षेत्र में तो ये एक अच्छी मिसाल हैं।
Author: Amit Rajpoot
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