Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
अगस्त की 9 तारीख को दुनियाभर में आदीवासी दिवस मनाया जाता है। इसको विश्व जनजाती दिवस भी कहा जाता है। इसी के साथ ही इस दिन को दुनिया के जंगलों में बसे लोगों के लिए समर्पित किया गया है। दुनिया कि कुल आबादी में से 470 मिलियन इंसान लोग जंगलों में रहते हैं। इसी के साथ ही दुनिया की 5 प्रतिसत आबादी आदिवासियों की है।
जितनी तेजी से जंगल काटे जा रहे हैं, इसी के चलते इनका भी पलायन हो रहा है। इसी के साथ ही इनको मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी कई तरह के प्रयास किये जा रहे हैं। इस काम में काफी टाइम लगेगा। आदिवासियों की हर तरह के अधीकारों की संरक्षा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने काफी प्रयास किये हैं। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार आदावासी लोग गरीबी रेखा क नीचे रहते हैं।
इस दिन का चयन साल 1994 में असेंबली के सामने पहली बार रखा गया था। संयुक्त राष्ट्र में इस प्रस्ताव को पास किया गया। इसी के साथ ही आपको बता दें कि हर 2 हफ्ते में एक स्वदेशी भाषा विलुप्त हो जाती है। इसी वजह से कई साल बाद इन भाषाओं का आधार और इसको बोलने वाले लग खत्म हो जाएंगे। इन्हीं सब की संरक्षा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र इसमें लगा हुआ है।
बता दें कि इसी कारण ये विदेशी संस्कृती और ज्ञान खत्म हो जाएगा। ये बात खुद संयुक्त राष्ट्र ने बताई है। इसी के साथ ही हर बात का आंकलन भी इसी तरह से किया है। साल 2016 में आए आंकड़ों के अनुसार 2680 भाषाएं फिलहाल विलुप्त होने वाली हैं। आंकड़ों की माने तो दुनिया में आदिवासी लोग 7,000 भाषाएं बोलते हैं और इसी के साथ ही 5,000 अलग संस्कृतियों को प्रतिनिधित्व करते हैं। बता दें कि इस दिन को मानाने के पीछे का खास रीजन होता है इन जनजातियों की संरक्षा करना। इसी के साथ ही इनको मुख्य धारा से जोड़ना।
Anida Saifi
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से...
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.